पॉलिटिक्स में नया ट्विस्ट: इंफ्रास्ट्रक्चर बिल पर अब 'टेंशन' बढ़ी!
एक इंपॉर्टेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बिल, जिस पर सब 'ओके' था, अब सीनेट में 'प्रॉब्लम' फेस कर रहा है। 'अमेंडमेंट्स' और कुछ 'ऑब्जेक्शन्स' ने बिल की 'पासिंग' को मुश्किल बना दिया है।
जिस 'इंफ्रास्ट्रक्चर बिल' का सबको 'वेट' था, वो आज सीनेट में 'प्रॉब्लम' में फंस गया है। पहले लगा था कि ये 'बिल' आराम से 'पास' हो जाएगा, लेकिन अब इस पर 'डिबेट' बढ़ गई है। कुछ 'सेनेटर्स' ने 'फंडिंग' और 'प्रोजेक्ट्स' को लेकर नए 'क्वेश्चन्स' उठाए हैं।
'सोर्सेज' बता रहे हैं कि कुछ 'रिपब्लिकन्स' और 'डेमोक्रेट्स' ने मिलकर नए 'अमेंडमेंट्स' दिए हैं। ये 'अमेंडमेंट्स' बिल के 'स्कोप' और 'बजट' को बदल सकते हैं। इस 'लास्ट-मिनट' के 'चेंजेज' से 'लेजिस्लेटिव कैलेंडर' में 'प्रॉब्लम' आ गई है और अब लग रहा है कि बिल शायद 'टाइम' पर 'पास' नहीं हो पाएगा।
दोनों 'पार्टी' के 'लीडर्स' अब 'क्लोज्ड-डोर मीटिंग्स' कर रहे हैं, ताकि कोई 'कॉम्प्रोमाइज' हो सके। इस 'नेगोशिएशंस' का 'रिजल्ट' सिर्फ इस 'बिल' के 'फ्यूचर' को ही नहीं, बल्कि आगे के 'बाइपार्टिसन एफर्ट्स' को भी 'अफेक्ट' करेगा।