US कांग्रेस में टेक रेगुलेशन बिल को मिला ग्रीन सिग्नल, मोनोपॉली पर लगेगी लगाम!
US कांग्रेस में एक इंपॉर्टेंट टेक रेगुलेशन बिल ने कमिटी वोट पास कर लिया है। ये बिल बड़ी टेक कंपनीज़ की पावर कम करेगा और कंज्यूमर डेटा प्रोटेक्ट करेगा, जो पॉलिटिक्स में एक रेयर यूनिटी दिखाता है।
वॉशिंगटन डी.सी. – गूगल, मेटा और अमेज़न जैसी बड़ी टेक कंपनीज़ की मोनोपॉलिस्टिक प्रैक्टिस को रोकने के लिए एक इंपॉर्टेंट बाईपार्टिसन बिल ने US कांग्रेस की हाउस ज्यूडिशियरी कमिटी में एक क्रूशियल वोट पास कर लिया है। ये लेजिस्लेटिव पुश, जिसे सीनेटर एमी क्लोबुचर (डेमोक्रेट) और जोश हॉली (रिपब्लिकन) ने लीड किया है, इसका मेन एएम डिजिटल लैंडस्केप को रि-शेप करना है। इसमें स्ट्रिक्ट एंटीट्रस्ट मेजर्स और कंज्यूमर्स के लिए डेटा पोर्टेबिलिटी बढ़ाने की बात है।
इस बिल का नाम 'अमेरिकन इनोवेशन एंड चॉइस ऑनलाइन एक्ट' है, और ये डोमिनेंट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज़ को कंपटीटर्स से ज्यादा फेवर करने से रोकेगा। इसे सपोर्ट करने वाले कहते हैं कि ये मेजर्स कॉम्पिटिटिव मार्केट के लिए बहुत ज़रूरी हैं, इनोवेशन को बढ़ावा देंगे और छोटे बिज़नेसेस को बड़ी टेक कंपनीज़ के प्रेशर से बचाएंगे। डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स दोनों का सपोर्ट ये दिखाता है कि वॉशिंगटन में बिग टेक के इन्फ्लुएंस को कंट्रोल करने पर एक नया कंसेंसस बन रहा है।
हालांकि, टेक इंडस्ट्री ने इस बिल के अगेंस्ट काफी लॉबिंग की है, उनका कहना है कि इससे इनोवेशन और नेशनल सिक्योरिटी पर नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ सकता है। लेकिन लॉमेकर्स इसे आगे बढ़ाने के लिए डिटरमाइंड हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये बाईपार्टिसन मोमेंटम दशकों में टेक रेगुलेशन का सबसे बड़ा ओवरहॉल हो सकता है, जिससे लाखों अमेरिकन्स के डिजिटल सर्विसेज़ से इंटरैक्ट करने का तरीका बदल जाएगा और छोटी टेक कंपनीज़ के लिए नए ऑप्शंस खुलेंगे।