सेंट्रल बैंक ने अचानक बढ़ाए इंटरेस्ट रेट्स, इन्फ्लेशन कंट्रोल करने की कोशिश!
एक अनएक्सपेक्टेड स्टेप में, देश के सेंट्रल बैंक ने आज अपने मेन इंटरेस्ट रेट में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो तुरंत लागू होगी। यह डिसीजन लगातार बढ़ रही इन्फ्लेशन को कंट्रोल करने और इकॉनमी को स्टेबल करने के लिए है, हालांकि इससे कंज्यूमर्स और बिज़नेसेस के लिए लोन महंगे हो सकते हैं।
सेंट्रल बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने अपनी इमरजेंसी मीटिंग आज खत्म की और एक डिसीसिव वोट के साथ की इंटरेस्ट रेट को 50 बेसिस पॉइंट्स बढ़ा दिया। गवर्नर [Governor's Name] ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ये स्टेप इन्फ्लेशनरी प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए ज़रूरी था, जो परचेसिंग पावर कम कर रहा था और लॉन्ग-टर्म इकोनॉमिक स्टेबिलिटी के लिए खतरा बन रहा था। ये पिछले दस साल में सबसे बड़ी रेट हाइक है।
इकोनॉमिस्ट्स इस डिसीजन के इमीडिएट इंपैक्ट पर डिवाइडेड हैं। कुछ का मानना है कि ये ओवरहीटिंग इकॉनमी को इफेक्टिवली ठंडा करेगा, जबकि दूसरे कंज्यूमर स्पेंडिंग और इन्वेस्टमेंट में स्लोडाउन की वार्निंग दे रहे हैं, जिससे रिसेशन आ सकता है। मॉर्गेज रेट्स, पर्सनल लोन्स और बिज़नेस क्रेडिट लाइन्स सब महंगे होने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर हाउसहोल्ड बजट्स और कॉर्पोरेट एक्सपेंशन प्लान्स पर पड़ेगा।
सेंट्रल बैंक प्राइस स्टेबिलिटी के लिए कमिटेड है, उन्होंने इंडिकेट किया है कि अगर इन्फ्लेशन टारगेट रेंज से ऊपर रहती है तो और रेट एडजस्टमेंट्स हो सकते हैं। बिज़नेसेस और कंज्यूमर्स को अब अपनी फाइनेंशियल स्ट्रैटेजीज को नए इकोनॉमिक लैंडस्केप के हिसाब से री-इवैल्यूएट करने की सलाह दी गई है, क्योंकि सस्ते क्रेडिट का टाइम अब खत्म होता दिख रहा है।