कंट्रोवर्शियल 'डिजिटल राइट्स बिल' पार्लियामेंट से पास, ऑपोजिशन का हंगामा

Politics3 hours agoSource: National Voice
कंट्रोवर्शियल 'डिजिटल राइट्स बिल' पार्लियामेंट से पास, ऑपोजिशन का हंगामा

बहुत डिस्कशन के बाद 'डिजिटल राइट्स एंड प्राइवेसी प्रोटेक्शन बिल' पार्लियामेंट के दोनों हाउसेज से पास हो गया है। ऑपोजिशन और सिविल राइट्स ग्रुप्स ने इस बिल पर बहुत सवाल उठाए हैं। गवर्नमेंट कह रही है कि ये नेशनल सिक्योरिटी और डेटा रेगुलेशन के लिए बहुत जरूरी है।

कई हफ्तों की इंटेंस डिबेट और कुछ वॉकआउट्स के बाद, 'डिजिटल राइट्स एंड प्राइवेसी प्रोटेक्शन बिल' को आज पार्लियामेंट की फाइनल अप्रूवल मिल गई है। ये बिल ऑनलाइन कंटेंट और यूजर डेटा को रेगुलेट करेगा। करेंट गवर्नमेंट के एजेंडा में ये बिल बहुत इम्पोर्टेंट था, जो नेशनल सिक्योरिटी मेजर्स और डिजिटल अकाउंटेबिलिटी का फ्रेमवर्क देने का प्रॉमिस करता है।

लेकिन, क्रिटिक्स का कहना है कि ये नया लेजिस्लेशन फ्री स्पीच को कम कर सकता है और गवर्नमेंट को सिटीजन्स की ऑनलाइन एक्टिविटीज को मॉनिटर करने के लिए बहुत ज्यादा पावर्स दे सकता है। ऑपोजिशन लीडर्स ने इस बिल को 'ड्रैकॉनियन' बताया है और डेमोक्रेटिक वैल्यूज के लिए खतरा कहा है। उन्होंने कहा है कि वे लीगल तरीकों और पब्लिक प्रोटेस्ट्स के जरिए इस बिल के प्रोविजंस को चैलेंज करेंगे।

गवर्नमेंट के स्पोक्सपर्सन्स ने इन कंसर्न्स को डिनाई किया है और कहा है कि बिल में इंडिविजुअल प्राइवेसी के लिए स्ट्रॉन्ग सेफगार्ड्स हैं और ये डिजिटल गवर्नेंस के लिए इंटरनेशनल बेस्ट प्रैक्टिसेज के साथ अलाइन है। उन्होंने कहा कि इसका मेन ऑब्जेक्टिव एक सेफर ऑनलाइन एनवायरनमेंट बनाना और सिटीजन्स को साइबर थ्रेट्स से बचाना है, साथ ही कंट्री में ऑपरेट करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए अकाउंटेबिलिटी भी तय करना है।