डिजिटल ओवरसाइट बिल पार्लियामेंट में पास, ऑपोजिशन ने किया वॉकआउट!
आज पार्लियामेंट में 'डिजिटल ओवरसाइट बिल' पास हो गया है, जिससे ऑपोजिशन पार्टीज़ बहुत नाराज हैं। उनका कहना है कि ये 'प्राइवेसी' के लिए खतरा है, पर गवर्नमेंट इसे 'नेशनल सिक्योरिटी' के लिए जरूरी बता रही है।
आज पार्लियामेंट में एक बहुत 'कंट्रोवर्शियल सेशन' के बाद 'डिजिटल ओवरसाइट बिल' पास हो गया है। ये एक बड़ा 'लेजिस्लेटिव मूव' है जिसने एक नई 'डिबेट' शुरू कर दी है। रूलिंग 'पार्टी' के 'मेंबर्स' का कहना है कि ये 'बिल नेशनल सिक्योरिटी' के लिए, 'मिसइन्फॉर्मेशन' से लड़ने के लिए और 'डिजिटल कंटेंट' को 'रेगुलेट' करने के लिए बहुत जरूरी है।
पर 'ऑपोजिशन' के 'पॉलिटिशियंस' ने इस 'बिल' के पास होने पर बहुत गुस्सा दिखाया और 'वॉकआउट' कर दिया। उनका कहना है कि इस 'बिल' के कुछ 'क्लॉज़ेज़' गवर्नमेंट को बहुत ज्यादा 'पावर' देते हैं, जिससे 'सिटीज़न्स' की 'प्राइवेसी' और 'फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन' खतरे में आ सकती है। 'सिविल लिबर्टीज़ ग्रुप्स' ने भी 'सर्विलांस' और 'सेंसरशिप' की 'टेंशन' जताई है।
गवर्नमेंट ने इस 'क्रिटिसिज्म' का जवाब देते हुए कहा है कि 'बिल' में 'चेक्स एंड बैलेंसेज़' हैं और इसका मेन 'गोल' एक सेफ और 'अकाउंटेबल डिजिटल इकोसिस्टम' बनाना है। उन्होंने 'इम्प्लीमेंटेशन गाइडलाइंस' पर और 'कंसल्टेशन्स' का वादा किया है, लेकिन 'पब्लिक रिएक्शन' से पता चलता है कि इस नए 'लॉ' के 'डिजिटल फ्रीडम्स' पर 'इम्पैक्ट' को लेकर लोगों की 'ओपिनियन' बहुत बंटी हुई है।