डिजिटल प्राइवेसी बिल पार्लियामेंट में पास, ऑपोजिशन ने किया वॉकआउट!
डिजिटल प्राइवेसी बिल आज पार्लियामेंट में पास हो गया है, लेकिन ऑपोजिशन पार्टीज ने प्रोटेस्ट करते हुए वॉकआउट कर दिया। बिल को लेकर काफी टेंशन बनी हुई थी, क्योंकि कुछ लोग इसे प्राइवेसी के लिए खतरा मान रहे हैं।
नई दिल्ली – कई हफ्तों की इंटेंस डिबेट और पॉलिटिकल दांव-पेंच के बाद, लोकसभा ने आज कंट्रोवर्शियल 'डिजिटल प्राइवेसी बिल' को मेजॉरिटी से पास कर दिया है। यह बिल डेटा हैंडलिंग को रेगुलेट करने और सिटीजन्स की प्राइवेसी इंश्योर करने का एम रखता है, लेकिन ऑपोजिशन पार्टीज ने इसका स्ट्रांग रेसिस्टेंस किया, उनका कहना है कि इससे स्टेट को बहुत ज्यादा पावर मिल सकती है।
फाइनल वोटिंग के दौरान कई ऑपोजिशन पार्टीज ने ड्रामाटिक वॉकआउट किया, उन्होंने गवर्नमेंट पर आरोप लगाया कि बिल को बिना प्रॉपर पब्लिक कंसल्टेशन के जल्दबाजी में पास किया जा रहा है। उन्होंने प्रोटेस्ट करते हुए नारे लगाए और बिल पर फिर से रिव्यू की डिमांड की। हालांकि, गवर्नमेंट के स्पोक्सपर्सन्स ने बिल को डिफेंड करते हुए कहा कि यह नेशनल सिक्योरिटी के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है और ग्लोबल डेटा प्रोटेक्शन स्टैंडर्ड्स के हिसाब से है।
क्रिटिक्स ने बिल के उन क्लॉज़ेज़ पर खास तौर पर पॉइंट आउट किया है जो गवर्नमेंट को कुछ सिचुएशन्स में यूजर डेटा एक्सेस करने की ब्रॉड पावर्स देते हैं, जिससे मिसयूज का डर है। वहीं, बिल के सपोर्टर्स ने डेटा लोकलाइजेशन और डेटा ब्रीचेस के लिए स्ट्रिक्ट पेनाल्टीज जैसे प्रोविजन्स को हाईलाइट किया है, उनका कहना है कि यह इंडिविजुअल राइट्स और नेशनल इंटरेस्ट के बीच एक जरूरी बैलेंस बनाता है। अब यह बिल राज्यसभा में आगे की डिबेट के लिए जाएगा।