ईस्ट एशिया में टेंशन हाई, नेवल ड्रिल्स ने बढ़ाई चिंता
ईस्ट एशिया के डिस्प्यूटेड वाटर्स में नेवल ड्रिल्स बहुत बढ़ गई हैं, जिससे रीजनल स्टेबिलिटी पर इंटरनेशनल कंसर्न्स बढ़ गई हैं। कई कंट्रीज अब डी-एस्केलेशन की डिमांड कर रही हैं ताकि कोई मिसकैलकुलेशन न हो।
ईस्ट एशिया की रीजनल पावर्स ने डिस्प्यूटेड मैरीटाइम ज़ोन्स में नेवल ड्रिल्स की एक अनप्रेसिडेंटेड सीरीज शुरू कर दी है, जिससे जियोपॉलिटिकल टेंशन काफी बढ़ गई है। इन ड्रिल्स में कई वॉरशिप्स और एडवांस्ड मिलिट्री एयरक्राफ्ट शामिल हैं, और ऑब्जर्वर्स इसे एक ऑलरेडी वोलेटाइल एरिया में डायरेक्ट प्रोजेक्शन ऑफ़ फ़ोर्स के तौर पर देख रहे हैं।
इंटरनेशनल बॉडीज और पड़ोसी कंट्रीज ने इन ड्रिल्स की इंटेंसिटी और डिस्प्यूटेड टेरिटरीज से उनकी प्रॉक्सिमिटी पर गहरी चिंता जताई है। डिप्लोमैट्स पर्दे के पीछे से सभी पार्टीज को संयम बरतने और किसी भी एक्सीडेंटल एस्केलेशन को रोकने के लिए बातचीत करने का आग्रह कर रहे हैं। यह करेंट सिचुएशन पास्ट के हाई अलर्ट पीरियड्स की याद दिलाती है, जिससे किसी गलत कदम की आशंका बढ़ गई है, जिसके ग्लोबल सिक्योरिटी पर दूरगामी कॉन्सिक्वेंसेस हो सकते हैं।
एनालिस्ट्स का मानना है कि इन ड्रिल्स का टाइमिंग बहुत क्रिटिकल है, क्योंकि यह रीजन में चल रहे टेरिटोरियल डिस्प्यूट्स और बदलते अलायंसेज के बीच हो रहा है। इन वाटर्स का बढ़ता मिलिटराइजेशन पीस और स्टेबिलिटी के लिए एक बड़ी चुनौती है, और मैरीटाइम क्लेम्स को मैनेज करने और सभी वेसल्स के लिए सेफ पैसेज सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत इंटरनेशनल फ्रेमवर्क की मांग की जा रही है। दुनिया इस सिचुएशन के अनफोल्ड होने पर चिंता से देख रही है।