ग्लोबल क्लाइमेट समिट खत्म, नए एमिशन टारगेट्स हुए अनाउंस!
वर्ल्ड क्लाइमेट समिट आज खत्म हो गया है, जिसमें कंट्रीज ने पहले से भी ज्यादा एंबिशियस एमिशन रिडक्शन टारगेट्स पर एग्रीमेंट किया है। ये डील 2040 तक रिन्यूएबल एनर्जी और फॉसिल फ्यूल्स को फेज आउट करने पर फोकस करेगी।
इस साल स्टॉकहोम में हुआ ग्लोबल क्लाइमेट समिट आज खत्म हो गया है, जिसमें वर्ल्ड लीडर्स के बीच एक सरप्राइजिंग एग्रीमेंट देखने को मिला। 150 से ज्यादा कंट्रीज के डेलीगेशन्स ने एक नए अकॉर्ड पर साइन किया है, जिसमें 2035 तक ग्रीनहाउस गैस एमिशन में 45% की कमी लाने का कमिटमेंट है, जो पहले के 30% टारगेट से काफी ज्यादा है। इस एग्रीमेंट में 2030 तक ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी को तीन गुना करने और 2040 तक कोल पावर को पूरी तरह से फेज आउट करने का भी प्लान है।
एनवायर्नमेंटल एक्टिविस्ट्स, जो समिट के बाहर प्रोटेस्ट कर रहे थे, उन्होंने इस आउटकम की काफी तारीफ की है। उनका कहना है कि क्लाइमेट चेंज के बुरे इफेक्ट्स को कम करने के लिए ये एक बहुत इंपॉर्टेंट स्टेप है, भले ही इसमें थोड़ी देर हो गई हो। हालांकि, कुछ डेवलपिंग कंट्रीज ने इतनी जल्दी ट्रांजिशन के फाइनेंशियल इम्प्लिकेशंस पर कंसर्न जताया है और वेल्दियर कंट्रीज से स्ट्रांग सपोर्ट मांगा है।
इस अकॉर्ड की सक्सेस अब इंडिविजुअल कंट्रीज की पॉलिटिकल विल और इकोनॉमिक कैपेबिलिटीज पर डिपेंड करेगी कि वे इन एंबिशियस गोल्स को कैसे इम्प्लीमेंट करती हैं। ऑब्जर्वर्स का कहना है कि भले ही ये टारगेट्स पेपर पर बहुत अच्छे लग रहे हों, लेकिन असली चैलेंज इन कमिटमेंट्स को ग्राउंड पर पॉलिसीज और एक्शंस में बदलना है।