वर्ल्डवाइड साइबर अटैक से फाइनेंसियल कंपनीज़ में हड़कंप!
एक बड़ा ग्लोबल साइबर अटैक चल रहा है, जिससे दुनिया भर की फाइनेंसियल कंपनीज़ इफेक्ट हो रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये एक कोऑर्डिनेटेड अटैक है, जिससे अगर जल्दी कंट्रोल नहीं किया गया तो बड़ा इकोनॉमिक प्रॉब्लम हो सकता है।
नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और एशिया की फाइनेंसियल कंपनीज़ अभी एक बड़े और बहुत सोफिस्टिकेटेड साइबर अटैक से जूझ रही हैं। सिस्टम आउटेज, डेटा ब्रीचेज़ और सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट्स आ रही हैं, जिससे क्लाइंट्स में पैनिक और बैंक्स और इन्वेस्टमेंट फर्म्स के लिए बड़ी प्रॉब्लम्स खड़ी हो गई हैं।
साइबरसिक्योरिटी एक्सपर्ट्स इसे एक कोऑर्डिनेटेड कैंपेन बता रहे हैं, शायद किसी कंट्री ने स्पॉन्सर किया है, जिसका टारगेट ग्लोबल फाइनेंसियल नेटवर्क का क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर है। इनिशियल एनालिसिस से पता चलता है कि अटैकर्स एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट्स (APTs) और ज़ीरो-डे एक्सप्लॉइट्स का यूज़ कर रहे हैं, जिससे इन्हें डिटेक्ट करना और रोकना बहुत मुश्किल हो रहा है। कई गवर्नमेंट्स ने अपने फाइनेंसियल सेक्टर्स को अर्जेंट एडवाइज़रीज़ इश्यू की हैं।
इसके इकोनॉमिक इफ़ेक्ट बहुत बड़े हो सकते हैं। अगर यह अटैक जारी रहता है, तो इससे ग्लोबल मार्केट्स में बड़े लेवल पर इनस्टेबिलिटी आ सकती है, जिससे स्टॉक एक्सचेंजेस, पेमेंट सिस्टम और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस पर असर पड़ेगा। इंटरनेशनल एजेंसीज़ सोर्स का पता लगाने और डिफेंसिव मेजर्स लगाने के लिए साथ काम कर रही हैं, लेकिन जल्दी रिजॉल्यूशन अभी अनसर्टेन है।