वर्ल्डवाइड साइबर अटैक से बैंक और फाइनेंस कंपनीज़ में हड़कंप!
एक बड़े साइबर अटैक ने दुनिया भर की कई बड़ी फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशंस को हिट किया है, जिससे उनकी सर्विसेज में प्रॉब्लम आ गई है। एक्सपर्ट्स इसकी सोर्स और डैमेज का पता लगाने में लगे हैं, जिससे मार्केट में टेंशन बढ़ गई है।
न्यूयॉर्क/लंदन/टोक्यो – आज तीन कॉन्टिनेंट्स में बड़ी फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशंस एक कोऑर्डिनेटेड और सोफिस्टिकेटेड साइबर अटैक से परेशान हैं, जिसने उनकी ऑनलाइन सर्विसेज और इंटरनल सिस्टम्स को क्रैश कर दिया है। नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और एशिया के बैंक्स, इन्वेस्टमेंट फर्म्स और पेमेंट प्रोसेसर्स ने बड़ी आउटेज रिपोर्ट की है, जिससे लाखों कस्टमर्स इफेक्ट हुए हैं और पूरे मार्केट में टेंशन फैल गई है।
दुनिया भर के सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और गवर्नमेंट एजेंसीज़ ने अटैकर्स और यूज़ किए गए मैलवेयर की पहचान करने के लिए अर्जेंट इन्वेस्टिगेशन स्टार्ट कर दी है। इनिशियल रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह एक बहुत ही एडवांस्ड, पहले कभी न देखा गया रैनसमवेयर या डेटा-वाइपिंग वायरस है। अभी तक किसी बड़े फाइनेंसियल लॉस की पब्लिकली कन्फर्मेशन नहीं हुई है, लेकिन क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में इस डिसरप्शन से ग्लोबल फाइनेंसियल मार्केट्स की स्टेबिलिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कस्टमर्स को सलाह दी गई है कि वे अपने अकाउंट्स में सस्पिशियस एक्टिविटीज़ पर नज़र रखें और किसी भी अनचाहे कम्युनिकेशन्स से सावधान रहें। अथॉरिटीज सर्विसेज को रिस्टोर करने और साइबर सिक्योरिटी डिफेंसेस को बढ़ाने के लिए बहुत एफर्ट कर रही हैं, और ऐसे बढ़ते थ्रेट्स से लड़ने के लिए इंटरनेशनल कोऑपरेशन की इम्पोर्टेंस पर जोर दे रही हैं। यह इंसिडेंट इंटरकनेक्टेड ग्लोबल सिस्टम्स की वल्नरेबिलिटी को दिखाता है।