ग्लोबल लीडर्स ने इमरजेंसी समिट बुलाई, साइबर थ्रेट्स पर टेंशन बढ़ी

वर्ल्ड7 hours agoSource: National Voice
ग्लोबल लीडर्स ने इमरजेंसी समिट बुलाई, साइबर थ्रेट्स पर टेंशन बढ़ी

स्टेट-स्पॉन्सर्ड साइबर अटैक्स में अचानक तेजी आने के बाद, वर्ल्ड लीडर्स ने एक इमरजेंसी समिट बुलाई है। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अगर कोऑर्डिनेटेड डिफेंस नहीं बना तो बड़ा डैमेज हो सकता है।

ग्लोबल साइबर वॉरफेयर में बहुत तेजी आने के बाद, G7 नेशंस और दूसरे एलाइड कंट्रीज के लीडर्स ने आज एक इमरजेंसी समिट बुलाई है। यह वर्चुअल मीटिंग इसलिए बुलाई गई है ताकि स्टेट-स्पॉन्सर्ड साइबर अटैक्स के खिलाफ एक यूनिफाइड स्ट्रेटेजी बनाई जा सके। हाल ही में इन अटैक्स ने क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशंस और गवर्नमेंट नेटवर्क्स को वर्ल्डवाइड टारगेट किया है। इंटेलिजेंस एजेंसीज ने इन इंट्रूशन्स की फ्रीक्वेंसी और कॉम्प्लेक्सिटी में शार्प इनक्रीस रिपोर्ट किया है, जिससे ग्लोबल डिजिटल मेल्टडाउन का डर बढ़ गया है।

इस समिट का मेन फोकस स्ट्रॉन्ग कलेक्टिव डिफेंस मेकेनिज्म बनाना, थ्रेट इंटेलिजेंस को और एफिशिएंटली शेयर करना और किसी बड़े साइबर इंसिडेंट की सिचुएशन में इंटरनेशनल कोऑपरेशन के लिए क्लियर प्रोटोकॉल्स बनाना है। डिस्कशन में पोटेंशियल रिटैलिएटरी मेजर्स और साइबर एग्रेशन के खिलाफ स्ट्रिक्ट इंटरनेशनल नॉर्म्स को इम्प्लीमेंट करने पर भी बात होगी। साइबरसिक्योरिटी फर्म्स और डिफेंस मिनिस्ट्रीज के एक्सपर्ट्स ब्रीफिंग दे रहे हैं, और प्रोएक्टिव अप्रोच की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

इमीडिएट गोल तो करेंट थ्रेट्स को कम करना है, लेकिन लॉन्ग-टर्म ऑब्जेक्टिव एक रेसिलिएंट ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी फ्रेमवर्क बनाना है जो फ्यूचर अटैक्स को रोक सके। चैलेंज यह है कि कॉम्प्लेक्स जियोपॉलिटिकल टेंशन्स को कैसे मैनेज किया जाए और अलग-अलग नेशंस के बीच इस बात पर कंसेंसस कैसे बनाया जाए कि साइबर वॉरफेयर क्या है और उस पर कैसे रिस्पॉन्ड किया जाए। इस समिट का रिजल्ट डिजिटल एज में इंटरनेशनल रिलेशन्स को रीडिफाइन कर सकता है।