ईस्ट एशिया टेंशन पर ग्लोबल लीडर्स की इमरजेंसी समिट, वर्ल्ड में हलचल!
ईस्ट एशियन रीजन में बढ़ती टेंशन को कम करने के लिए ग्लोबल लीडर्स की एक इमरजेंसी समिट बुलाई गई है। हाल की मिलिट्री ड्रिल्स और डिप्लोमैटिक इश्यूज से रीजनल स्टेबिलिटी पर सवाल उठ गए हैं।
आज जिनेवा में मेजर वर्ल्ड पावर्स के टॉप डिप्लोमैट्स और हेड्स ऑफ स्टेट एक अर्जेंट समिट के लिए गैदर हो रहे हैं, जो ईस्ट एशिया की सिचुएशन पर फोकस करेगी। यह मीटिंग यूनाइटेड नेशंस सेक्रेटरी-जनरल ने बुलाई है, जिसका एम रीजन के कई की नेशंस के बीच बढ़ते फ्रिक्शन का डिप्लोमैटिक सॉल्यूशन निकालना है।
पिछले कुछ हफ्तों से टेंशन बढ़ रही है, खासकर प्रोवोकेटिव मिलिट्री एक्सरसाइज और नेबरिंग कंट्रीज़ के बीच शार्प रेटोरिक के एक्सचेंज की वजह से। एनालिस्ट्स को डर है कि अगर जल्दी इंटरवेंशन नहीं हुआ, तो सिचुएशन एक बड़े कॉन्फ्लिक्ट में बदल सकती है, जिसके ग्लोबल इकोनॉमिक और सिक्योरिटी पर सीरियस इंपैक्ट्स होंगे। इंटरनेशनल कम्युनिटी सभी पार्टीज़ से संयम बरतने और कंस्ट्रक्टिव डायलॉग में एंगेज होने की अपील कर रही है।
नेगोशिएशंस से जुड़े सोर्सेज का कहना है कि इनिशियल टॉक्स एक डीमिलिटराइज्ड ज़ोन बनाने और डिस्प्यूटिंग नेशंस के बीच डायरेक्ट कम्युनिकेशन चैनल्स को फिर से स्टार्ट करने पर फोकस कर रहे हैं। इस समिट के आउटकम का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे इकोनॉमिकली वाइटल रीजन्स में से एक की फ्यूचर स्टेबिलिटी को डिसाइड कर सकता है।