गवर्नमेंट को न्यू डेटा प्राइवेसी बिल पर तगड़ा बैकलेश मिला!

पॉलिटिक्स1 hour agoSource: National Voice
गवर्नमेंट को न्यू डेटा प्राइवेसी बिल पर तगड़ा बैकलेश मिला!

गवर्नमेंट के न्यू डेटा प्राइवेसी बिल पर ऑपोज़िशन पार्टीज़ और सिविल राइट्स ऑर्गेनाइज़ेशन ने कड़ा प्रोटेस्ट किया है। क्रिटिक्स का कहना है कि ये बिल स्टेट को बहुत ज़्यादा पावर देगा और प्राइवेसी को कॉम्प्रोमाइज़ करेगा।

गवर्नमेंट ने कल जो डेटा प्रोटेक्शन और सर्विलांस बिल अनाउंस किया है, वो तुरंत ही नेशनल पॉलिटिक्स में एक बड़ा इश्यू बन गया है। ऑपोज़िशन लीडर्स ने इस लेजिस्लेशन को "ड्रैकोनियन" बताया है, उनका कहना है कि ये बिल सिटीज़न्स की फ्रीडम को कम करने के लिए है, न कि उन्हें प्रोटेक्ट करने के लिए। बिल की डिटेल्स पब्लिक होते ही कई सिटीज़ में प्रोटेस्ट शुरू हो गए।

बिल के कुछ की प्रोविज़न्स, खासकर गवर्नमेंट को पर्सनल डेटा एक्सेस करने की पावर बिना जुडिशियल ओवरसाइट के, सबसे ज़्यादा क्रिटिसिज्म का सामना कर रहे हैं। लीगल एक्सपर्ट्स ने वार्न किया है कि अगर ये बिल ऐसे ही पास हो गया, तो ये स्टेट सर्विलांस के लिए एक डेंजरस प्रेसिडेंट सेट कर सकता है और लाखों सिटीज़न्स के फंडामेंटल डिजिटल राइट्स को खत्म कर सकता है। सोशल मीडिया पर #PrivacyProtest हैशटैग ट्रेंड कर रहा है।

गवर्नमेंट के स्पोक्सपर्सन ने बिल को डिफेंड करते हुए कहा कि ये नेशनल सिक्योरिटी और साइबरक्राइम से लड़ने के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है, और मिसयूज़ रोकने के लिए सेफगार्ड्स भी हैं। हालांकि, इस एक्सप्लेनेशन से पब्लिक का गुस्सा शांत नहीं हुआ है, और बिल को पूरी तरह से री-इवैल्यूएट करने और पब्लिक कंसल्टेशन की डिमांड तेज़ हो गई है। आने वाला पार्लियामेंट्री सेशन इस डिबेट के और तेज़ होने से काफी स्टॉर्मी रहने वाला है।