गवर्नमेंट का नया टेक रेगुलेशन बिल पास, पार्लियामेंट में जबरदस्त डिबेट
गवर्नमेंट ने एक नया टेक रेगुलेशन बिल पास कर दिया है, जिस पर पार्लियामेंट में काफी डिबेट हुई। ऑपोजिशन पार्टी ने इसे डिजिटल फ्रीडम पर अटैक बताया है और प्रोटेस्ट में वॉकआउट कर दिया।
गवर्नमेंट का मच अवेटेड "डिजिटल अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी बिल" आज फाइनली पास हो गया है, ऑपोजिशन पार्टीज और टेक ग्रुप्स के स्ट्रॉन्ग ऑब्जेक्शंस के बावजूद। इस बिल का मेन एम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और बड़ी टेक कंपनीज पर कंटेंट मॉडरेशन और यूजर डेटा को लेकर स्ट्रिक्ट रेगुलेशंस लगाना है। पार्लियामेंट में इसे लेकर बहुत गरम डिबेट हुई।
क्रिटिक्स का कहना है कि इस बिल के कुछ क्लॉज़ेस गवर्नमेंट को बहुत ज्यादा पावर देते हैं, जिससे सेंसरशिप और ऑनलाइन फ्री स्पीच पर खतरा हो सकता है। ऑपोजिशन लीडर्स ने पार्लियामेंट से वॉकआउट कर दिया और गवर्नमेंट पर आरोप लगाया कि उन्होंने पब्लिक से कंसल्ट किए बिना और सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशंस की बात सुने बिना ये बिल पास कर दिया। उन्होंने कहा कि वे पार्लियामेंट के बाहर भी अपनी फाइट जारी रखेंगे।
लेकिन, बिल के सपोर्टर्स कहते हैं कि यह नेशनल सिक्योरिटी और सिटीजन्स को मिसइंफॉर्मेशन और हार्मफुल कंटेंट से बचाने के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है। टेक मिनिस्टर ने कहा कि ये रेगुलेशंस एक सेफ ऑनलाइन एनवायरनमेंट बनाने और कंट्री में ऑपरेट कर रहे ग्लोबल टेक प्लेयर्स की अकाउंटेबिलिटी तय करने के लिए हैं। इस नए लॉ के पूरे इम्प्लिकेशंस अगले कुछ महीनों में सामने आएंगे, जब टेक कंपनीज इस नए फ्रेमवर्क के हिसाब से खुद को एडजस्ट करेंगी।