गवर्नमेंट ने पेश किया 'डिजिटल राइट्स एक्ट', पॉलिटिक्स में गरमाई बहस

पॉलिटिक्स2 hours agoSource: National Voice
गवर्नमेंट ने पेश किया 'डिजिटल राइट्स एक्ट', पॉलिटिक्स में गरमाई बहस

पार्लियामेंट में 'डिजिटल राइट्स एक्ट' बिल पेश हो गया है, जिसका टारगेट ऑनलाइन कंटेंट और यूजर डेटा को रेगुलेट करना है। इस बिल पर रूलिंग और ऑपोजिशन पार्टीज के बीच प्राइवेसी और सेंसरशिप को लेकर बहुत टेंशन बढ़ गई है, जिससे एक बड़ी पॉलिटिकल बहस शुरू हो गई है।

गवर्नमेंट ने आज पार्लियामेंट में 'डिजिटल राइट्स एक्ट' बिल पेश किया है, जो एक बड़ा लेजिस्लेशन है और इसका मकसद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के ऑपरेट करने और यूजर डेटा को मैनेज करने के तरीके में बड़े चेंज लाना है। सपोर्टर्स का कहना है कि यह बिल नेशनल सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है और फेक न्यूज को रोकने में हेल्प करेगा, क्योंकि आज की कनेक्टेड वर्ल्ड में एक रेगुलेटेड डिजिटल स्पेस की बहुत नीड है।

लेकिन, इस बिल के आते ही ऑपोजिशन पार्टीज और सिविल लिबर्टी ग्रुप्स ने इसका जोरदार क्रिटिसिज्म किया है। मेन कंसर्न्स यूजर प्राइवेसी, फ्रीडम ऑफ स्पीच और गवर्नमेंट के ओवरसाइट बढ़ने की पॉसिबिलिटी को लेकर हैं, जिससे सेंसरशिप हो सकती है। क्रिटिक्स एक डीटेल्ड रिव्यू और पब्लिक कंसल्टेशन की डिमांड कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डिजिटल फ्रीडम पर इसके वाइड-रेंजिंग इम्पैक्ट का डर है।

पार्लियामेंट में इस पर बहुत गरमागरम बहस होने की उम्मीद है, ऑपोजिशन ने बिल के कई प्रोविजन्स को चैलेंज करने का प्रॉमिस किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक सेफ ऑनलाइन एनवायरनमेंट बनाने का इंटेंट अच्छा है, लेकिन इसका एक्सेक्यूशन और स्पेसिफिक क्लॉज बहुत इम्पोर्टेंट होंगे ताकि इंडिया के डिजिटल लैंडस्केप और सिटीजन्स के फंडामेंटल राइट्स पर इसका लॉन्ग-टर्म इम्पैक्ट पता चल सके। आने वाले वीक्स में इस बिल पर इंटेंस डिबेट्स देखने को मिलेंगी।