गवर्नमेंट के नए डिजिटल प्राइवेसी बिल पर बवाल, अपोजिशन ने घेरा!

Politics4 hours agoSource: National Voice
गवर्नमेंट के नए डिजिटल प्राइवेसी बिल पर बवाल, अपोजिशन ने घेरा!

रूलिंग पार्टी के नए डिजिटल प्राइवेसी बिल ने बवाल मचा दिया है। अपोजिशन और प्राइवेसी एडवोकेट्स इसका जमकर विरोध कर रहे हैं। गवर्नमेंट इसे नेशनल सिक्योरिटी के लिए जरूरी बता रही है।

पार्लियामेंट में कल इंट्रोड्यूस हुआ नया डिजिटल प्राइवेसी बिल पूरे नेशन में एक बड़ी डिबेट बन गया है। अपोजिशन लीडर्स ने इस बिल को "ड्रैकोनियन" बताया है और कहा है कि ये सिटीजन्स को सर्वेलेंस करने के लिए बनाया गया है, डेटा प्रोटेक्ट करने के लिए नहीं। कई सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन्स भी इस विरोध में शामिल हो गए हैं और आने वाले दिनों में नेशनवाइड प्रोटेस्ट प्लान कर रहे हैं।

बिल में कुछ ऐसे क्लॉज़ेस हैं जिन पर सबसे ज्यादा टेंशन है। इनमें गवर्नमेंट एजेंसीज को बिना जुडिशियल ओवरसाइट के पर्सनल डेटा एक्सेस करने की पावर देना और डेटा लोकलाइजेशन रिक्वायरमेंट्स शामिल हैं, जिन पर क्रिटिक्स का कहना है कि ये इनोवेशन को रोक सकते हैं। एक्सपर्ट्स वार्न कर रहे हैं कि अगर ये बिल अपने करंट फॉर्म में पास हो गया, तो ये कंट्री में डिजिटल राइट्स के लिए एक डेंजरस प्रेसिडेंट सेट कर सकता है, जिससे ऑनलाइन स्पीच से लेकर सिक्योर कम्युनिकेशन तक सब कुछ इम्पैक्ट हो सकता है।

इस बीच, गवर्नमेंट का कहना है कि ये बिल नेशनल इंटरेस्ट्स को सेफगार्ड करने और साइबरक्राइम से लड़ने के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है। मिनिस्ट्री ऑफ डिजिटल अफेयर्स के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा, "यह बिल इंडिविजुअल प्राइवेसी और कलेक्टिव सिक्योरिटी के बीच एक बैलेंस बनाता है। हम कंस्ट्रक्टिव फीडबैक के लिए ओपन हैं लेकिन उन कोर प्रिंसिपल्स पर फर्म हैं जो हमारे सिटीजन्स को इवॉल्विंग ऑनलाइन थ्रेट्स से प्रोटेक्ट करते हैं।" आने वाले हफ्तों में पार्लियामेंट में इंटेंस डिस्कशन्स और पब्लिक डेमोंस्ट्रेशन्स देखने को मिलेंगे क्योंकि बिल अलग-अलग स्टेजेस से गुजरेगा।