हेल्थकेयर रिफॉर्म बिल को सीनेट में लगा बड़ा झटका, पार्टी में टेंशन
गवर्नमेंट का बहुत इम्पोर्टेन्ट हेल्थकेयर रिफॉर्म बिल आज सीनेट में पास नहीं हो पाया। इस अनएक्सपेक्टेड डेवलपमेंट से पॉलिटिकल पार्टीज में काफी टेंशन बढ़ गई है और फ्यूचर लेजिस्लेटिव एफर्ट्स पर सवाल उठ रहे हैं।
एडमिनिस्ट्रेशन का एंबिशियस हेल्थकेयर रिफॉर्म बिल, जिसे यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की तरफ एक क्रिटिकल स्टेप बताया जा रहा था, आज दोपहर सीनेट के एक ड्रामेटिक सेशन में इनफ वोट्स सिक्योर नहीं कर पाया। फाइनल टैली में बहुत कम मार्जिन से हार हुई, जिसमें कई की स्विंग सीनेटर ने इंटेंस लॉबिंग एफर्ट्स के बावजूद बिल के अगेंस्ट वोट किया।
यह सेटबैक रूलिंग पार्टी के लेजिस्लेटिव एजेंडा के लिए एक बड़ा ब्लो है और इससे दूसरे प्रपोज्ड रिफॉर्म्स पर भी असर पड़ सकता है। पॉलिटिकल एनालिस्ट्स अब इसके लॉन्ग-टर्म इम्प्लीकेशन्स पर स्पेकुलेट कर रहे हैं, उनका मानना है कि इस डिफीट से एडमिनिस्ट्रेशन को अपनी स्ट्रेटेजी रीथिंक करनी पड़ सकती है या ब्रॉडर बाईपार्टिसन कंसेंसस की तलाश करनी पड़ सकती है, जो अब तक मुश्किल रहा है।
सीनेट लीडरशिप के क्लोज सोर्सेज बताते हैं कि रूलिंग कोएलिशन के अंदरूनी डिसएग्रीमेंट्स ने बिल की फेलियर में एक बड़ा रोल प्ले किया। अपोजिशन पार्टी ने इस आउटकम को अपने कांस्टीट्यूएंट्स के लिए एक विक्टरी बताया है, और उन्होंने 'फ्लॉड लेजिस्लेशन' को ब्लॉक करने के अपने एफर्ट्स जारी रखने का प्रॉमिस किया है। हेल्थकेयर रिफॉर्म का फ्यूचर अब और भी अनसर्टेन लग रहा है।