राइवल कंट्रीज के बीच जेनेवा में हिस्टोरिक पीस टॉक्स शुरू
दो पुरानी राइवल कंट्रीज के रिप्रेजेंटेटिव्स ने आज जेनेवा में हिस्टोरिक पीस टॉक्स स्टार्ट कर दी हैं, जिसका टारगेट सालों की टेंशन को कम करना है। इंटरनेशनल ऑब्जर्वर्स को एक ब्रेकथ्रू की उम्मीद है।
जेनेवा में आजकल इंटरनेशनल डिप्लोमेसी का एक बहुत इम्पोर्टेन्ट मोमेंट चल रहा है, जहां दो पुरानी राइवल कंट्रीज के डेलीगेट्स डायरेक्ट नेगोशिएशंस के लिए बैठे हैं। ये टॉक्स, जो यूनाइटेड नेशंस ने मीडिएट की हैं, एक डिकेड से भी ज्यादा टाइम के बाद इन दोनों पावर्स के बीच पहली हाई-लेवल मीटिंग है, जिससे एक परमानेंट सॉल्यूशन की उम्मीद जगी है।
कई दिनों तक चलने वाली इन डिस्कशंस के एजेंडा में सीजफायर एस्टैब्लिश करना, ह्यूमैनिटेरियन कंसर्न्स पर बात करना और फ्यूचर डिप्लोमैटिक रिलेशंस के लिए एक फ्रेमवर्क बनाना शामिल है। दोनों साइड्स ने कॉमन ग्राउंड ढूंढने के लिए कमिटमेंट दिखाया है, हालांकि रिकंसिलिएशन का रास्ता मुश्किल हो सकता है क्योंकि उनके बीच हिस्टोरिकल ग्रीविएंसेज बहुत डीप-रूटेड हैं।
ग्लोबल लीडर्स ने इन टॉक्स को रीजनल स्टेबिलिटी की तरफ एक क्रूशियल स्टेप बताया है। हालांकि अभी भी कुछ डाउट हैं, लेकिन ये फैक्ट कि ये दोनों कंट्रीज नेगोशिएटिंग टेबल पर हैं, इसे एक बड़ी अचीवमेंट माना जा रहा है, जो पीस के लिए इंटरनेशनल कम्युनिटी के एफर्ट्स को दिखाता है।