टेक जायंट 'इनोवेटकॉर्प' पर एंटीट्रस्ट प्रोब, स्टॉक्स में भारी गिरावट!

बिज़नेस2 hours agoSource: National Voice
टेक जायंट 'इनोवेटकॉर्प' पर एंटीट्रस्ट प्रोब, स्टॉक्स में भारी गिरावट!

दुनिया की टॉप टेक कंपनीज में से एक, 'इनोवेटकॉर्प', अब रेगुलेटरी बॉडीज की नजर में है क्योंकि उस पर एक बड़ा एंटीट्रस्ट इन्वेस्टिगेशन शुरू हो गया है। एंटी-कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिसेज के एलिगेशंस ने मार्केट में हलचल मचा दी है, जिससे कंपनी के स्टॉक्स अर्ली ट्रेडिंग में 15% से ज्यादा गिर गए हैं।

सैन फ्रांसिस्को – 'इनोवेटकॉर्प' के शेयर्स, जो अपने डोमिनेंट सर्च इंजन और क्लाउड सर्विसेज के लिए जानी जाती है, आज तेजी से गिर गए जब एंटीट्रस्ट प्रोब की खबर आई। US और यूरोप में कई गवर्नमेंट एजेंसीज ने मिलकर इन्वेस्टिगेट करना शुरू कर दिया है कि क्या कंपनी ने अपनी मार्केट डोमिनेंस का मिसयूज करके कॉम्पिटिशन को दबाया और कंज्यूमर्स को नुकसान पहुंचाया है।

इन्वेस्टिगेशन कई मेन एरियाज़ पर फोकस कर रहा है, जिसमें 'इनोवेटकॉर्प' की एक्विजिशन स्ट्रेटेजीज, अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उसका कंट्रोल और उसके डेटा कलेक्शन प्रैक्टिसेज शामिल हैं। एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर एलिगेशंस सच साबित होते हैं, तो कंपनी को बहुत बड़े फाइन्स लग सकते हैं और उसे अपने कुछ कोर बिजनेसेस को बेचना भी पड़ सकता है, जिससे उसकी ऑपरेशनल स्ट्रक्चर पूरी तरह से बदल जाएगी।

'इनोवेटकॉर्प' ने एक छोटा स्टेटमेंट जारी किया है जिसमें उसने फेयर कॉम्पिटिशन के लिए अपनी कमिटमेंट बताई है और रेगुलेटरी बॉडीज के साथ पूरा कोऑपरेशन करने का प्रॉमिस किया है। हालांकि, इन्वेस्टर्स अभी भी 'केयरफुल' हैं, कई लोग लंबे लीगल बैटल और बड़े फाइनेंशियल पेनल्टीज के डर से अपने शेयर्स बेच रहे हैं। यह प्रोब टेक इंडस्ट्री के लिए एक क्रिटिकल मोमेंट है, जो डिजिटल जायंट्स की पावर को कंट्रोल करने के लिए एक नए ग्लोबल पुश का इंडिकेशन है।