US कांग्रेस में नया टेक रेगुलेशन बिल पास होने के करीब, दोनों पार्टीज का सपोर्ट
US कांग्रेस में एक इंपॉर्टेंट टेक रेगुलेशन बिल अब पास होने के करीब है। ये बिल बिग टेक कंपनीज पर लगाम लगाने और कंज्यूमर्स की प्राइवेसी प्रोटेक्ट करने के लिए है।
वॉशिंगटन डी.सी. — बड़ी टेक कंपनीज की अनचेक्ड पावर को टारगेट करता एक ग्राउंडब्रेकिंग, बाईपार्टीसन बिल अब यूएस कांग्रेस में पास होने के करीब है। इस प्रपोज्ड लेजिस्लेशन को डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स दोनों का रेयर सपोर्ट मिला है, जिसका मकसद डेटा प्राइवेसी, एंटीट्रस्ट प्रैक्टिसेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट मॉडरेशन पर स्ट्रिक्ट रेगुलेशन लाना है।
नेगोशिएशंस से जुड़े सोर्सेज बता रहे हैं कि बिल में ऐसे प्रोविजन्स हैं जो ऐप स्टोर्स, सोशल मीडिया एल्गोरिथम्स और टार्गेटेड एडवरटाइजिंग पर ज्यादा गवर्नमेंट ओवरसाइट अलाऊ करेंगे। सपोर्टर्स का कहना है कि ये मेजर्स एक ज्यादा कॉम्पिटिटिव डिजिटल मार्केटप्लेस बनाने और इंडिविजुअल यूजर राइट्स को टेक बेहेमोथ्स के पोटेंशियल एक्सप्लॉयटेशन से बचाने के लिए बहुत जरूरी हैं। ये मूव सालों के पब्लिक आउटक्राई और एडवोकेसी ग्रुप्स के बढ़ते प्रेशर के बाद आया है।
हालांकि टेक इंडस्ट्री ने इनोवेशन में रुकावट और कंप्लायंस कॉस्ट्स को लेकर चिंता जताई है, बिल के स्पॉन्सर्स ने एक फेयर और सेफ ऑनलाइन एनवायरनमेंट के लिए इसकी नेसेसिटी पर जोर दिया है। अगर ये पास हो जाता है, तो ये लेजिस्लेशन ग्लोबल लेवल पर एक प्रेसीडेंट सेट कर सकता है कि गवर्नमेंट्स तेजी से बदलते डिजिटल लैंडस्केप को रेगुलेट करने के कॉम्प्लेक्स चैलेंज से कैसे डील करती हैं, जिसका असर स्टार्टअप कॉम्पिटिशन से लेकर रोजमर्रा के इंटरनेट यूज तक सब पर पड़ेगा।