टेक रेगुलेशन बिल हाउस में पास, अब सीनेट की बारी!
पॉलिटिक्स में एक बड़ा अपडेट! टेक कंपनीज को रेगुलेट करने वाला एक इंपॉर्टेंट बिल हाउस में पास हो गया है। ये बिल मार्केट डोमिनेंस और डेटा प्राइवेसी पर फोकस करेगा।
आज वाशिंगटन डी.सी. में एक बड़ा पॉलिटिकल डेवलपमेंट हुआ है। टेक कंपनीज को कंट्रोल करने वाला एक बहुत इंपॉर्टेंट बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हो गया है। 'डिजिटल अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी एक्ट' को दोनों पार्टीज से जबरदस्त सपोर्ट मिला, जिससे पता चलता है कि अब टेक कंपनीज पर रूल्स लगाने की पॉलिटिकल विल बढ़ रही है।
इस बिल में डेटा कलेक्शन के लिए नए गाइडलाइंस हैं, एल्गोरिथम ऑपरेशंस में ज्यादा ट्रांसपेरेंसी की बात है, और मोनोपोली रोकने के लिए स्ट्रिक्ट एंटीट्रस्ट मेजर्स भी प्रपोज किए गए हैं। सपोर्टर्स का कहना है कि ये बिल छोटे स्टार्टअप्स के लिए फेयर कंपटीशन लाएगा और कंज्यूमर प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करेगा। वहीं, टेक कंपनीज के लॉबीस्ट्स का मानना है कि इससे इनोवेशन कम होगा और इकोनॉमी को लॉस हो सकता है।
अब ये बिल सीनेट में जाएगा, जहां इस पर और ज्यादा डिस्कशन होने के चांसेज हैं। हालांकि, हाउस में इसे जो सपोर्ट मिला है, उससे लगता है कि इसमें काफी मोमेंटम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सीनेट में ये एक टफ फाइट होगी, लेकिन अभी तक का बाईपार्टिसन सपोर्ट इसे एक रियल लॉ बनने का चांस दे रहा है।