टेक रेगुलेशन बिल पास, गवर्नमेंट को बड़ी सक्सेस मिली!
टेक कंपनीज को रेगुलेट करने वाला एक बड़ा बिल आज सेनेट में पास हो गया है, जो गवर्नमेंट के लिए एक बड़ी सक्सेस है। इस बिल में डेटा प्राइवेसी और कॉम्पिटिशन रूल्स पर फोकस किया गया है।
आज सेनेट में 'डिजिटल अकाउंटेबिलिटी एंड ट्रांसपेरेंसी एक्ट' (DATA Act) पास हो गया है, जिसमें दोनों पार्टीज ने सपोर्ट किया। ये बिल कई सालों से पेंडिंग था और इसका मेन टारगेट बड़ी टेक कंपनीज की मार्केट डोमिनेंस को कंट्रोल करना और कंज्यूमर्स को उनके डेटा पर ज्यादा कंट्रोल देना है।
DATA Act के मेन पॉइंट्स में डेटा कलेक्शन और यूज के लिए stricter रूल्स, एल्गोरिथम डिसीजन-मेकिंग में ज्यादा ट्रांसपेरेंसी, और रेगुलेटरी बॉडीज को anti-competitive बिहेवियर को इन्वेस्टिगेट करने और पेनल्टी लगाने की ज्यादा पावर्स शामिल हैं। सपोर्टर्स का कहना है कि इससे छोटी कंपनीज को भी फेयर चांस मिलेगा और यूजर्स को exploitative प्रैक्टिस से प्रोटेक्शन मिलेगी।
टेक इंडस्ट्री के लॉबिस्ट्स ने बिल के कुछ पॉइंट्स का अपोज किया था, लेकिन इसके वाइड सपोर्ट से पता चलता है कि अब पॉलिटिक्स में टेक रेगुलेशन को लेकर एक कॉमन ओपिनियन बन रही है। प्रेजिडेंट के ऑफिस ने बिल को पूरा सपोर्ट दिया है और उम्मीद है कि ये कुछ ही दिनों में लॉ बन जाएगा, जिससे डिजिटल गवर्नेंस के लिए एक नया precedent सेट होगा।