क्लाइमेट बिल को सीनेट में झटका, पास होने में प्रॉब्लम!
एक इम्पोर्टेंट क्लाइमेट बिल को US सीनेट में एक बड़ा झटका लगा है। कुछ सीनेटर्स की लास्ट-मिनट टेंशन की वजह से बिल के फ्यूचर पर सवाल उठ रहे हैं।
एक बहुत इम्पोर्टेंट क्लाइमेट बिल, जिसे पहले bipartisan सपोर्ट मिला था, अब US सीनेट में एक बड़े हर्डल का सामना कर रहा है। ये legislation, जो कार्बन एमिशन कम करने और रिन्यूएबल एनर्जी में बड़े इन्वेस्टमेंट का प्लान है, उसे पहले दोनों पार्टीज़ से अच्छा सपोर्ट मिल रहा था। पर अब कुछ इम्पोर्टेंट सीनेटर्स ने लास्ट-मिनट में अपनी टेंशन बताई है, जिससे बिल के पास होने में प्रॉब्लम आ रही है।
इस बिल को, जिसका नाम "ग्रीन फ्यूचर एक्ट" है, filibuster से बचने के लिए 60 वोट्स चाहिए थे। पहले लगा था कि ये नंबर पूरे हो जाएंगे, पर अब कुछ मॉडरेट सीनेटर्स, खासकर उन स्टेट्स से जो फॉसिल फ्यूल इंडस्ट्री पर डिपेंड करते हैं, उनके लेटेस्ट स्टेटमेंट्स से मूड चेंज हो गया है। उनकी टेंशन है कि नए रेगुलेशंस से इकोनॉमी पर क्या असर पड़ेगा और ट्रेडिशनल एनर्जी सेक्टर्स में कितनी जॉब्स कम हो सकती हैं।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स अब ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ये सब अचानक कैसे हो गया। नेगोशिएशंस से जुड़े सोर्सेज़ का कहना है कि अलग-अलग इंडस्ट्री ग्रुप्स की इंटेंस लॉबिंग ने उन सीनेटर्स को इन्फ्लुएंस किया है जो अभी तक डिसाइड नहीं कर पाए थे। व्हाइट हाउस, जिसने इस बिल को अपनी एनवायरनमेंट पॉलिसी का मेन पार्ट बताया था, ने अपनी डिसअपॉइंटमेंट एक्सप्रेस की है और कहा है कि वो जल्द से जल्द इस legislation को बचाने के लिए अर्जेंट डिस्कशंस कर रहे हैं। इन लास्ट-डिट्च एफर्ट्स का क्लाइमेट पॉलिसी और वाशिंगटन में bipartisan को-ऑपरेशन के फ्यूचर पर बहुत बड़ा इंपैक्ट होगा।