क्लाइमेट बिल पर संसद में टेंशन, ऑपोजिशन ने किया वॉकआउट!

Politics10 hours agoSource: National Voice
क्लाइमेट बिल पर संसद में टेंशन, ऑपोजिशन ने किया वॉकआउट!

एक नया क्लाइमेट चेंज बिल, जो कार्बन एमिशन कम करने के लिए है, को सीनेट में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये एक बड़ी पॉलिटिकल लड़ाई होगी।

नया "ग्रीन फ्यूचर एक्ट" बिल, जो क्लाइमेट चेंज को टैकल करने के लिए बनाया गया है, अब सीनेट में आ गया है। इस बिल को सपोर्ट करने वाले कह रहे हैं कि ये फ्यूचर के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है। इसका टारगेट 2035 तक कार्बन एमिशन को 50% कम करना है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी में इन्वेस्ट किया जाएगा और इंडस्ट्री रूल्स को और स्ट्रिक्ट किया जाएगा।

लेकिन, इस बिल को ऑपोजिशन पार्टी के कई इंपॉर्टेंट सेनेटर्स से तुरंत विरोध का सामना करना पड़ा है। उनका कहना है कि ये बिल इकोनॉमिक ग्रोथ को रोक देगा और बिज़नेसेस पर बहुत प्रेशर डालेगा। एनर्जी प्राइसेज पर इसके इम्पैक्ट और इसके टारगेट्स की फिजिबिलिटी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कई इंडस्ट्री ग्रुप्स की लॉबिंग भी तेज हो गई है, जिससे इस प्रोसेस में और कॉम्प्लिकेशन्स आ गए हैं।

पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बिल पर वोटिंग से पहले कई हफ्तों या महीनों तक जोरदार डिबेट, अमेंडमेंट्स और कॉम्प्रोमाइज़ होंगे। इस बिल का पास होना या फेल होना, ये दिखाएगा कि करेंट एडमिनिस्ट्रेशन बड़े नेशनल इश्यूज पर अलग-अलग पॉलिटिकल ग्रुप्स को एक साथ ला पाता है या नहीं। इसके एनवायर्नमेंटल और इकोनॉमिक इम्पैक्ट्स बहुत लॉन्ग-टर्म होंगे।