मिडिल ईस्ट में पीस टॉक्स फेल, बॉर्डर पर टेंशन बढ़ी
मिडिल ईस्ट में टेंशन कम करने के लिए चल रही इम्पोर्टेंट पीस टॉक्स रुक गई हैं। इसका रीज़न बॉर्डर पर फिर से शुरू हुई झड़पें हैं। डिप्लोमैट्स इस क्राइसिस को रोकने के लिए एक्स्ट्रा एफर्ट्स कर रहे हैं, पर अभी कोई प्रोग्रेस नहीं दिख रही।
जिनेवा में हो रही मिडिल ईस्ट पीस टॉक्स में एक बड़ा इश्यू आ गया है, जिससे रीजनल स्टेबिलिटी की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ये टॉक्स पहले थोड़ी उम्मीद के साथ शुरू हुई थीं, पर दो मेन रीजनल पावर्स के बीच बॉर्डर पर नए सिरे से झड़पें और छोटी-मोटी मिलिट्री एंगेजमेंट्स की न्यूज़ आने के बाद ये रुक गई हैं। दोनों नेशंस के डेलीगेट्स ने बहुत डिसअपॉइंटमेंट शो किया है।
यूनाइटेड नेशंस और कई बड़ी ग्लोबल पावर्स के इंटरनेशनल मीडिएटर्स अब इस पीस प्रोसेस को बचाने के लिए इंटेंस बाइलैटरल डिस्कशंस कर रहे हैं। डर है कि अगर यह डेडलॉक लंबा चला, तो पहले से ही वोलाटाइल रीजन में और इनस्टेबिलिटी आ सकती है। मेन प्रॉब्लम एक पुराना टेरिटोरियल क्लेम लग रहा है, जो रिसेंट वीक्स में फिर से सामने आया है।
एनालिस्ट्स का कहना है कि इन्वॉल्वड नेशंस के अंदर की पॉलिटिकल प्रेशर्स और बाहर के इन्फ्लुएंस भी इस डेडलॉक में बड़ा रोल प्ले कर रहे हैं। ग्लोबल कम्युनिटी सभी पार्टीज़ से बिना किसी प्रीकंडीशन के नेगोशिएटिंग टेबल पर वापस आने की अपील कर रही है, ताकि बड़े कॉन्फ्लिक्ट को रोका जा सके। आने वाले दिन इस रीजन में पीस एफर्ट्स का फ्यूचर डिसाइड करेंगे।