मिडिल ईस्ट में टेंशन बढ़ने से ग्लोबल लीडर्स का इमरजेंसी समिट, सिचुएशन क्रिटिकल
मिडिल ईस्ट में बढ़ती टेंशन को लेकर ग्लोबल लीडर्स ने इमरजेंसी समिट बुलाई है। डिप्लोमेटिक एफर्ट्स तेज हो गए हैं ताकि सिचुएशन को कंट्रोल किया जा सके और कोई बड़ा कॉन्फ्लिक्ट ना हो।
जेनेवा — वर्ल्ड लीडर्स आज जेनेवा में एक इमरजेंसी समिट के लिए इकट्ठा हो रहे हैं, जिसका एम मिडिल ईस्ट में खतरनाक तरीके से बढ़ती टेंशन को कम करना है। ये हाई-स्टेक्स मीटिंग कुछ रीसेंट इंसिडेंट्स के बाद हो रही है, जिन्होंने इस वोलेटाइल रीजन को एक बड़े कॉन्फ्लिक्ट में धकेलने की धमकी दी थी, जिसके बाद इंटरनेशनल इंटरवेंशन की अर्जेंट कॉल्स आई थीं।
यूनाइटेड स्टेट्स, चाइना, यूरोपियन यूनियन और रशिया सहित मेजर ग्लोबल पावर्स के डिप्लोमेट्स, और की मिडिल ईस्टर्न नेशंस के रिप्रेजेंटेटिव्स भी मौजूद हैं। एजेंडा एक सीजफायर के लिए कॉमन ग्राउंड ढूंढने, डायलॉग के लिए चैनल्स एस्टैब्लिश करने और करंट इनस्टेबिलिटी के रूट कॉसेस को एड्रेस करने पर फोकस्ड है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इस समिट का आउटकम रीजनल पीस और सिक्योरिटी के इमीडिएट फ्यूचर को डिसाइड करने में क्रूशियल होगा।
हालांकि, एक क्विक रेजोल्यूशन की उम्मीदें अभी भी कॉशियस हैं, लेकिन ऐसी हाई-लेवल समिट का होना ही सिचुएशन की ग्रेविटी को दिखाता है। इंटरनेशनल ऑब्जर्वर्स को उम्मीद है कि सस्टेंड डिप्लोमेटिक प्रेशर और मल्टीलेटरलिज्म के लिए कमिटमेंट एक ह्यूमैनिटेरियन क्राइसिस को रोक सकता है और ग्लोबल एनर्जी सप्लाइज और पॉलिटिकल स्टेबिलिटी के लिए क्रिटिकल इस रीजन को स्टेबल कर सकता है।