नया 'डिजिटल अकाउंटबिलिटी बिल' कांग्रेस में लाया गया, ऑपोजिशन और गवर्नमेंट के बीच टेंशन हाई!

पॉलिटिक्स2 hours agoSource: National Voice
नया 'डिजिटल अकाउंटबिलिटी बिल' कांग्रेस में लाया गया, ऑपोजिशन और गवर्नमेंट के बीच टेंशन हाई!

नया 'डिजिटल अकाउंटबिलिटी बिल' कांग्रेस में पेश हो गया है, जिसका मकसद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करना है। इस बिल पर पॉलिटिक्स गरम हो गई है, फ्री स्पीच और कंपनी की रेस्पोंसिबिलिटी पर पार्टीज़ के व्यूज़ अलग-अलग हैं। कुछ लोग इसे इनोवेशन के लिए खराब बता रहे हैं, तो कुछ इसे पब्लिक सेफ्टी के लिए जरूरी कह रहे हैं।

वॉशिंगटन डी.सी. – 'डिजिटल अकाउंटबिलिटी बिल', जो डिजिटल वर्ल्ड के लिए एक बहुत बड़ा बिल है, आज ऑफिशियली कांग्रेस में आ गया है। इससे एक बड़ी पॉलिटिक्स वॉर स्टार्ट हो गई है। इस बिल में सोशल मीडिया कंपनीज़ के लिए स्ट्रिक्ट रूल्स हैं कि वे यूज़र डेटा कैसे मैनेज करें, कंटेंट मॉडरेट कैसे करें और फेक न्यूज़ से कैसे डील करें। रूल्स फॉलो न करने पर हैवी पेनाल्टीज़ लगेंगी।

लेजिस्लेटिव प्रोसेस से जुड़े सोर्सेज़ के हिसाब से, भले ही इस बिल को दोनों पार्टीज़ के लीडर्स सपोर्ट कर रहे हैं, लेकिन इसके कुछ क्लॉज़ेज़ पर कई ग्रुप्स और बड़ी टेक कंपनीज़ ने अभी से बहुत क्रिटिसिज्म किया है। ऑपोजिशन का कहना है कि ये बिल बहुत ब्रॉड है और इससे सेंसरशिप बढ़ सकती है, टेक्नोलॉजी इनोवेशन रुक सकता है और गवर्नमेंट एजेंसीज़ को ज़्यादा पावर मिल सकती है। वे यूज़र प्राइवेसी पर भी इसके बैड इफेक्ट्स को लेकर टेंशन में हैं।

लेकिन, इस बिल के सपोर्टर्स, जो दोनों पार्टीज़ से हैं, कह रहे हैं कि टेक कंपनीज़ को अकाउंटिबल बनाने के लिए एक फ्रेमवर्क की बहुत ज़रूरत है। वे ऑनलाइन हैरेसमेंट, इलेक्शन में फॉरेन इंटरफेरेंस और हार्मफुल कंटेंट के स्प्रेड को रोकने के लिए इन नए रेगुलेशंस को ज़रूरी बता रहे हैं। अगले कुछ हफ्तों में कमिटी हियरिंग्स में डिबेट और भी इंटेंस होने के चांस हैं, और फाइनल वोट से पहले इसमें कई अमेंडमेंट्स भी आ सकते हैं।