टेक जायंट्स पर एंटीट्रस्ट स्क्रूटनी, क्लाउड कंप्यूटिंग पर फोकस!

बिजनेस1 hour agoSource: National Voice
टेक जायंट्स पर एंटीट्रस्ट स्क्रूटनी, क्लाउड कंप्यूटिंग पर फोकस!

बड़ी टेक कंपनीज पर वर्ल्डवाइड रेगुलेटर्स की एंटीट्रस्ट स्क्रूटनी बढ़ गई है, खासकर क्लाउड कंप्यूटिंग मार्केट में उनके डोमिनेंस को लेकर। फेयर कंपटीशन, पोटेंशियल एंटी-कंपिटिटिव प्रैक्टिसेज और छोटे इनोवेटर्स पर इम्पेक्ट को लेकर टेंशन बढ़ रही है।

ब्रुसेल्स/वॉशिंगटन डी.सी. — ग्लोबल रेगुलेटरी बॉडीज बड़ी टेक फर्म्स, जैसे अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के क्लाउड कंप्यूटिंग सेक्टर्स में अपनी इन्वेस्टिगेशन तेज कर रही हैं। यूरोपियन यूनियन और यूनाइटेड स्टेट्स दोनों में अथॉरिटीज यह एग्जामिन कर रही हैं कि क्या ये जायंट्स अपनी मार्केट पावर का यूज कंपटीशन को स्टिफल करने और बूमिंग क्लाउड सर्विसेज इंडस्ट्री में कंज्यूमर चॉइस को लिमिट करने के लिए कर रहे हैं।

ये प्रोब्स कई की एरियाज पर फोकस कर रहे हैं, जैसे कथित अनफेयर लाइसेंसिंग प्रैक्टिसेज, डेटा पोर्टेबिलिटी पर रेस्ट्रिक्शन्स और सर्विसेज की बंडलिंग जो छोटे क्लाउड प्रोवाइडर्स को डिसएडवांटेज कर सकती है। रेगुलेटर्स को कंसर्न है कि इन कंपनीज का ह्यूज स्केल और फाइनेंशियल मसल नए एंट्रेंट्स के लिए इनसरमाउंटेबल बैरियर्स क्रिएट कर सकता है, जिससे इनोवेशन रुक सकता है और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर डिपेंडेंट बिजनेसेस के लिए हायर कॉस्ट्स हो सकती हैं।

इन एंटीट्रस्ट इन्वेस्टिगेशन्स का आउटकम डिजिटल इकोनॉमी के फ्यूचर के लिए बहुत इम्पोर्टेंट हो सकता है। पोटेंशियल रेमेडीज में हैवी फाइन्स से लेकर कुछ बिजनेस यूनिट्स के फोर्स्ड डाइवस्टिचर्स तक शामिल हैं, जिससे क्लाउड कंप्यूटिंग मार्केट का लैंडस्केप रीशेप होगा और यह रीडिफाइन होगा कि टेक जायंट्स ग्लोबली कैसे ऑपरेट करते हैं।