टेक रेगुलेशन बिल पर दोनों पार्टीज़ में सहमति, फाइनल वोटिंग करीब

Politics1 hour agoSource: National Voice
टेक रेगुलेशन बिल पर दोनों पार्टीज़ में सहमति, फाइनल वोटिंग करीब

मेजर टेक प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने वाला एक बिल कांग्रेस में फाइनल वोटिंग के करीब है। इंडस्ट्री की लॉबिंग के बावजूद, इस बिल को दोनों पार्टीज़ से अच्छा सपोर्ट मिला है, जिससे डिजिटल मोनोपोलीज़ के गवर्नेंस में चेंज आ सकता है।

मेजर टेक कंपनीज़ की पावर को कंट्रोल करने वाला एक बड़ा बाईपार्टिसन एफर्ट अब फाइनल स्टेज पर है। कैपिटल हिल के सोर्सेज के हिसाब से, टेक रेगुलेशन बिल फाइनल वोटिंग से बस कुछ दिन दूर है। इस प्रपोज्ड लेजिस्लेशन में डेटा प्राइवेसी से लेकर एंटी-कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिसेज़ तक के इश्यूज़ को एड्रेस किया गया है, और इस पर कई महीनों से डिबेट और नेगोशिएशन चल रहा था।

टेक जायंट्स की तरफ से भारी ऑपोज़िशन और एक्सटेंसिव लॉबिंग के बावजूद, इस बिल को डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स दोनों से अच्छा सपोर्ट मिला है। सपोर्टर्स का कहना है कि करेंट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पुराना हो चुका है और डिजिटल एज की कॉम्प्लेक्सिटीज़ को हैंडल करने के लिए इनसफिशिएंट है। वे कंज्यूमर्स को प्रोटेक्ट करने और ज़्यादा कॉम्पिटिटिव मार्केट बनाने के लिए स्ट्रॉन्ग ओवरसाइट की ज़रूरत पर ज़ोर दे रहे हैं।

अगर यह बिल पास हो जाता है, तो सिलिकॉन वैली के लिए अकाउंटेबिलिटी का एक नया एरा शुरू हो सकता है। इससे कंपनीज़ के डेटा कलेक्शन, ऐप स्टोर मैनेजमेंट और स्मॉलर कॉम्पिटिटर्स को एक्वायर करने के तरीके में बड़े चेंजेस आ सकते हैं। ऑब्ज़र्वर्स इस अपकमिंग वोट को बहुत ध्यान से देख रहे हैं, क्योंकि यह गवर्नमेंट और पावरफुल टेक इंडस्ट्री के रिलेशन को रीडिफाइन कर सकता है।