रेगुलेटरी स्क्रूटनी और AI बबल के डर से मेजर टेक स्टॉक्स क्रैश!
आज टॉप टेक स्टॉक्स में बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जिससे मेजर इंडेक्स भी बहुत नीचे आ गए हैं। ये गिरावट टेक जायंट्स पर बढ़ती रेगुलेटरी स्क्रूटनी और एक पॉसिबल 'AI बबल' के फटने के डर की वजह से हुई है, जिससे इन्वेस्टर्स ने बहुत स्टॉक बेचे हैं।
न्यूयॉर्क – टेक सेक्टर, जो हमेशा से स्टॉक मार्केट का फेवरेट रहा है, आज ट्रेडिंग में बहुत मुश्किल दिन से गुजरा, क्योंकि इन्वेस्टर्स ने हाई-ग्रोथ स्टॉक्स से अपना पैसा निकाल लिया। NASDAQ कंपोजिट 3% से ज्यादा नीचे गिर गया, और कई बड़े टेक कंपनीज के शेयर प्राइसेज डबल-डिजिट परसेंटेज में गिरे। एनालिस्ट्स का कहना है कि इस सेल-ऑफ के कई रीजन्स हैं, जिनमें डेटा प्राइवेसी और एंटी-कंपटीटिव प्रैक्टिसेज पर गवर्नमेंट के स्ट्रिक्ट रेगुलेशंस शामिल हैं, जिससे टेक कंपनीज के बिज़नेस मॉडल्स पर बहुत असर पड़ सकता है।
मार्केट में टेंशन को और बढ़ा रही है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनीज की वैल्यूएशन को लेकर डिबेट। AI नो डाउट एक ट्रांसफॉर्मेटिव टेक्नोलॉजी है, लेकिन कुछ फाइनेंसियल एक्सपर्ट्स इसकी तुलना 90s के डॉट-कॉम बबल से कर रहे हैं, उनका कहना है कि करेंट वैल्यूएशन्स शायद बहुत ज्यादा ऑप्टिमिस्टिक और अनसस्टेनेबल हैं। इस 'AI बबल' के डर ने इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स को कॉशियस अप्रोच अपनाने पर मजबूर किया है, जिससे मार्केट में एक बड़ा करेक्शन आया है।
मार्केट स्ट्रेटजिस्ट्स इन्वेस्टर्स को शांत रहने लेकिन अलर्ट रहने की एडवाइस दे रहे हैं। "करेक्शन्स किसी भी बुल मार्केट का नेचुरल पार्ट हैं, लेकिन करेंट सिचुएशन में पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है," ग्लोबल वेल्थ मैनेजमेंट की सीनियर एनालिस्ट सारा जेनकिन्स ने कमेंट किया। "जिन कंपनीज के फंडामेंटल्स स्ट्रॉन्ग हैं और प्रॉफिटेबिलिटी के क्लियर पाथवेज हैं, वे इस प्रॉब्लम को बेहतर तरीके से हैंडल कर पाएंगी।" आने वाले वीक्स में पता चलेगा कि ये सिर्फ एक टेंपरेरी प्रॉब्लम है या एक बड़ी गिरावट की शुरुआत।