क्लाइमेट बिल को सीनेट में लगा झटका, दोनों पार्टीज़ में टेंशन!
एक इम्पोर्टेन्ट क्लाइमेट चेंज बिल को सीनेट में प्रॉब्लम्स आ रही हैं। दोनों पार्टीज़ के मॉडरेट सेनेटर्स की वजह से बिल पास होने में देरी हो सकती है।
वॉशिंगटन डी.सी. – एक बहुत इम्पोर्टेन्ट क्लाइमेट चेंज बिल, जिसे पहले आसानी से पास होने वाला माना जा रहा था, अब सीनेट में बड़ी प्रॉब्लम्स फेस कर रहा है। इस बिल का फ्यूचर अब डामाडोल लग रहा है। यह लेजिस्लेशन, जिसका एम कार्बन एमिशन कम करना और रिन्यूएबल एनर्जी में इन्वेस्ट करना है, कई महीनों की नेगोशिएशंस के बाद बना था, जिसमें दोनों मेजर पॉलिटिकल पार्टीज़ शामिल थीं।
अभी की जो प्रॉब्लम है, वो मॉडरेट सेनेटर्स के एक ग्रुप द्वारा लाए गए अमेंडमेंट्स की वजह से है। ये अमेंडमेंट्स एग्रीकल्चरल सब्सिडीज़ और कुछ फॉसिल फ्यूल इंसेंटिव्स को खत्म करने के टाइमलाइन पर फोकस्ड हैं। इन अमेंडमेंट्स ने उस कोएलिशन को डिवाइड कर दिया है, जिसने पहले इस बिल को सपोर्ट किया था। नेगोशिएशंस से जुड़े सोर्सेज का कहना है कि बिल के मेन ऑब्जेक्टिव्स पर तो कोई डिसप्यूट नहीं है, लेकिन इसके इम्प्लीमेंटेशन के स्पेसिफिक्स पर अभी भी बहुत इश्यूज हैं।
अब पॉलिटिकल ऑब्ज़र्वर्स यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह बिल लेजिस्लेटिव सेशन खत्म होने से पहले पास हो पाएगा। अगर यह बिल पास नहीं होता है, तो यह एडमिनिस्ट्रेशन के क्लाइमेट एजेंडा के लिए एक बड़ा ब्लो होगा और एनवायरनमेंटल कंसर्न्स को एड्रेस करने के एफर्ट्स को सालों पीछे धकेल सकता है। पॉलिटिकल एनालिस्ट्स इन नेगोशिएशंस को बहुत क्लोजली वॉच कर रहे हैं, क्योंकि इसका आउटकम अपकमिंग इलेक्शंस और ओवरऑल पॉलिटिकल लैंडस्केप पर बहुत इम्पैक्ट डालेगा।