क्लाइमेट बिल पर कांग्रेस में टेंशन, बीजेपी और कांग्रेस के बीच नई बहस शुरू
एक नया क्लाइमेट बिल, जिसका एम रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ाना है, कांग्रेस में बहुत मुश्किलों का सामना कर रहा है। इसके इकोनॉमिक इफेक्ट्स और रेगुलेशंस पर बहस तेज हो गई है, जिससे इसके पास होने पर सवाल उठ रहे हैं।
वॉशिंगटन डी.सी. – एक नया क्लाइमेट बिल, जिसे कई मॉडरेट सेनेटर्स सपोर्ट कर रहे हैं, इस टाइम कांग्रेस में बहुत मुश्किल सिचुएशन से गुजर रहा है। इस बिल का टारगेट ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बिलियन इन्वेस्ट करना और कार्बन एमिशन कम करना है। इसको कुछ लोग सपोर्ट कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसके अगेंस्ट हैं।
इस बिल में कुछ मेन इश्यूज हैं, जैसे कि कार्बन टैक्स और एनर्जी इंडस्ट्रीज पर गवर्नमेंट का कंट्रोल। जो लोग बिल के फेवर में हैं, उनका कहना है कि ये क्लाइमेट चेंज से लड़ने और नई जॉब्स क्रिएट करने के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है। वहीं, इसके अपोनेंट्स का मानना है कि इससे बिजनेसेस और कस्टमर्स पर इकोनॉमिक बर्डन बढ़ेगा। क्लोज्ड डोर्स मीटिंग्स में नेगोशिएशंस बहुत इंटेंस हैं, और दोनों पार्टीज कई पॉइंट्स पर एग्री नहीं कर पा रही हैं।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बिल का फ्यूचर बताएगा कि एनवायरनमेंट इश्यूज पर दोनों पार्टीज आगे कैसे कोऑपरेट करेंगी। लेजिस्लेटिव कैलेंडर अब खत्म होने वाला है, तो लॉमेकर्स पर प्रेशर है कि या तो कॉम्प्रोमाइज करें या फिर एक और क्लाइमेट पॉलिसी के फेल होने का सामना करें।