ईस्टर्न यूरोप में सीज़फायर अनाउंस, पर पीस अभी भी रिस्की

वर्ल्ड2 hours agoSource: National Voice
ईस्टर्न यूरोप में सीज़फायर अनाउंस, पर पीस अभी भी रिस्की

ईस्टर्न यूरोप के कॉन्फ्लिक्ट जोन में एक टेंपरेरी सीज़फायर अनाउंस हुआ है, जिससे महीनों की फाइटिंग के बाद पीस की थोड़ी उम्मीद जगी है। इंटरनेशनल मीडिएटर्स इस एग्रीमेंट को फॉलो करवाने और रीजन में परमानेंट स्टेबिलिटी लाने के लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं।

यूनाइटेड नेशंस की हेल्प से कई हफ्तों की इंटेंस नेगोशिएशंस के बाद, ईस्टर्न यूरोप के कॉन्फ्लिक्ट में एक ब्रेकथ्रू आया है। दोनों फाइटिंग ग्रुप्स ने लोकल टाइम के हिसाब से मिडनाइट से होस्टिलिटीज़ रोकने पर एग्री किया है। इस डेवलपमेंट को सावधानी से वेलकम किया गया है, लेकिन ये भी समझा जा रहा है कि परमानेंट रिजोल्यूशन का रास्ता अभी भी बहुत मुश्किल है।

ग्राउंड से आ रही रिपोर्ट्स के हिसाब से थोड़ी शांति है, और दोनों साइड्स ने इनिशियली एग्रीमेंट को फॉलो किया है। हालांकि, कुछ एरियाज़ में शेलिंग के आइसोलेटेड इंसिडेंट्स भी रिपोर्ट हुए हैं, जो सिचुएशन की वॉलाटाइल नेचर को दिखाते हैं। वर्ल्ड लीडर्स ने मीडिएटर्स के एफर्ट्स की तारीफ की है, लेकिन सभी पार्टीज़ से कंटीन्यूअस डायलॉग और कमिटमेंट की इम्पोर्टेंस पर जोर दिया है ताकि कॉन्फ्लिक्ट दोबारा शुरू न हो।

अब फोकस ह्यूमैनिटेरियन एड और डिस्प्लेसड पॉपुलेशंस की सेफ वापसी पर है। इंटरनेशनल एजेंसीज अफेक्टेड कम्युनिटीज को रिलीफ देने के लिए रिसोर्स मोबिलाइज कर रही हैं, जबकि डिप्लोमैटिक एफर्ट्स एक स्ट्रॉन्ग मॉनिटरिंग मैकेनिज्म बनाने और कॉन्फ्लिक्ट के रूट कॉसेस को एड्रेस करने के लिए पॉलिटिकल टॉक्स शुरू करने पर फोकस करेंगे। परमानेंट पीस का रास्ता लंबा है, लेकिन ये सीज़फायर एक क्रूशियल फर्स्ट स्टेप है।