गवर्नमेंट ने लॉन्च किया 'डिजिटल इंडिया 2.0' इनिशिएटिव
इंडियन गवर्नमेंट ने ऑफिशियली 'डिजिटल इंडिया 2.0' लॉन्च किया है, ये एक बड़ा इनिशिएटिव है जिसका मकसद पूरे नेशन में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विसेज को और बेहतर बनाना है। इस नए फेज में AI इंटीग्रेशन, साइबरसिक्योरिटी और रूरल कम्युनिटीज को एडवांस्ड डिजिटल टूल्स से एम्पावर करने पर फोकस है।
एक बड़े अनाउंसमेंट में, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने आज 'डिजिटल इंडिया 2.0' को अनवील किया, जो अपने पिछले वर्जन की सक्सेस पर बेस्ड है। ये नया इनिशिएटिव अगले पांच सालों के लिए एक स्ट्रैटेजिक रोडमैप बताता है, जिसमें रिमोट एरियाज तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने, AI स्टार्टअप्स के लिए एक स्ट्रॉन्ग इकोसिस्टम बनाने और मोबाइल प्लेटफॉर्म्स के जरिए एक्सेसिबल नेक्स्ट-जेनरेशन गवर्नमेंट सर्विसेज डेवलप करने पर जोर दिया गया है।
'डिजिटल इंडिया 2.0' का एक मेन पिलर साइबरसिक्योरिटी पर उसका स्ट्रॉन्ग फोकस है, जिसमें एक नेशनल साइबरसिक्योरिटी एजेंसी बनाने और स्ट्रिंजेंट डेटा प्रोटेक्शन लॉज इम्प्लीमेंट करने के प्लांस हैं। गवर्नमेंट का मकसद अंडरसर्व्ड पॉपुलेशंस को अफोर्डेबल स्मार्टफोन्स और इंटरनेट एक्सेस प्रोवाइड करके डिजिटल डिवाइड को कम करना भी है, साथ ही एक्सटेंसिव डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम्स भी होंगे। इस मूव से लाखों लोगों के लिए इंफॉर्मेशन और अपॉर्चुनिटीज तक एक्सेस को डेमोक्रेटाइज करने की उम्मीद है।
इंडस्ट्री लीडर्स और टेक एक्सपर्ट्स ने इस इनिशिएटिव का काफी वेलकम किया है, इसे इंक्लूसिव ग्रोथ के लिए टेक्नोलॉजी का यूज करने का एक फॉरवर्ड-थिंकिंग अप्रोच बताया है। इंप्लीमेंटेशन में आने वाले चैलेंज्स, खासकर अलग-अलग ज्योग्राफिकल टेरेंस में और डेटा प्राइवेसी एन्श्योर करने में, माने गए हैं, लेकिन ओवरऑल सेंटीमेंट पॉजिटिव है। डिजिटाइजेशन के लिए ये नया पुश हेल्थकेयर और एजुकेशन से लेकर एग्रीकल्चर और फाइनेंस तक कई सेक्टर्स को ट्रांसफॉर्म करने वाला है, जिससे इंडिया ग्लोबल डिजिटल पावरहाउस बनने की अपनी जर्नी में आगे बढ़ेगा।