क्लाइमेट बिल सीनेट में पास, ऑपोज़िशन में भारी टेंशन!

पॉलिटिक्स1 hour agoSource: National Voice
क्लाइमेट बिल सीनेट में पास, ऑपोज़िशन में भारी टेंशन!

लंबे डिबेट के बाद, एक बड़ा क्लाइमेट चेंज बिल आज सीनेट में पास हो गया है, जो रूलिंग पार्टी के लिए एक बड़ी विक्टरी है। इस बिल का मेन एम कार्बन एमिशन कम करना है, लेकिन ऑपोज़िशन और कुछ इंडस्ट्री ग्रुप्स ने इसे इकॉनमी के लिए ख़तरनाक बताया है।

'ग्रीन फ्यूचर एक्ट' नाम का यह कॉम्प्रिहेंसिव बिल, जिसका मेन फोकस रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टमेंट्स और कार्बन एमिशन कैप्स पर है, सीनेट में 51-49 वोटों से पास हुआ। वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस ने टाई-ब्रेकिंग वोट दिया, जिससे एडमिनिस्ट्रेशन को एक बड़ी पॉलिसी विक्टरी मिली। सपोर्टर्स का कहना है कि यह बिल क्लाइमेट क्राइसिस से निपटने और हज़ारों ग्रीन जॉब्स क्रिएट करने के लिए बहुत ज़रूरी है।

लेकिन, इस बिल के पास होने के तुरंत बाद ऑपोज़िशन पार्टी ने इसे 'इकॉनमिक डिजास्टर' बताया। उनका कहना है कि इससे जॉब लॉस होगा और कंज्यूमर्स के लिए एनर्जी कॉस्ट बढ़ जाएगी। कई इंडस्ट्री लॉबीस्ट्स ने इस बिल के खिलाफ कैंपेन किया था, क्योंकि उन्हें डर था कि इसका ट्रेडिशनल फॉसिल फ्यूल सेक्टर्स और मैन्युफैक्चरिंग पर बुरा असर पड़ेगा।

अब यह बिल प्रेसिडेंट के पास सिग्नेचर के लिए जाएगा। इसके इम्प्लीमेंटेशन और अलग-अलग ग्रुप्स से आने वाले लीगल चैलेंज्स पर सबका ध्यान रहेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका रोलआउट काफी कॉम्प्लेक्स होगा और आने वाले सालों में एनवायरनमेंटल पॉलिसी और नेशनल इकॉनमी दोनों पर इसका बहुत बड़ा इम्पेक्ट होगा।