गवर्नमेंट ने 'डिजिटल भारत 2.0' इनिशिएटिव लॉन्च किया, रूरल कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज अपना एंबिशियस 'डिजिटल भारत 2.0' इनिशिएटिव लॉन्च किया है। इसका मेन गोल रूरल एरियाज में हाई-स्पीड इंटरनेट एक्सेस पहुंचाना है। ये प्रोजेक्ट इंडिजिनस टेक्नोलॉजी और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पर फोकस करेगा। एक्सपर्ट्स को लगता है कि ये इकोनॉमिक डेवलपमेंट के लिए एक गेम-चेंजर हो सकता है।
इंडियन गवर्नमेंट ने आज ऑफिशियली 'डिजिटल भारत 2.0' लॉन्च किया है, जो एक एंबिशियस नेशनवाइड इनिशिएटिव है जिसे कंट्री के बड़े रूरल एरियाज में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेट एक्सेसिबिलिटी को सिग्निफिकेंटली बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अपने पिछले वर्जन की सक्सेस पर बेस्ड, यह नया फेज अगले पांच सालों में 300 मिलियन और सिटीजन्स को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सर्विसेज से कनेक्ट करने का एम रखता है।
'डिजिटल भारत 2.0' के मेन कंपोनेंट्स में एडवांस्ड फाइबर ऑप्टिक्स नेटवर्क्स की डिप्लॉयमेंट, रिमोट विलेजेस में 5G सर्विसेज का एक्सपेंशन, और कम्युनिटी वाई-फाई हॉटस्पॉट्स की स्थापना शामिल है। यह इनिशिएटिव टेलीकॉम इक्विपमेंट की लोकल मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल लिटरेसी के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स को बढ़ावा देने पर भी जोर देता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि सिटीजन्स नई कनेक्टिविटी का इफेक्टिवली यूटिलाइज कर सकें।
लॉन्च इवेंट में बोलते हुए प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट के ट्रांसफॉर्मेटिव पोटेंशियल को हाईलाइट किया, यह कहते हुए कि यह रूरल कम्युनिटीज को एम्पावर करेगा, ई-गवर्नेंस को बूस्ट करेगा, और एजुकेशन, हेल्थकेयर और स्मॉल बिजनेसेस के लिए नए ऑपर्च्युनिटीज खोलेगा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ऑप्टिमिस्टिक हैं, इंडिया के जीडीपी पर एक सबस्टेंशियल पॉजिटिव इम्पैक्ट और अर्बन-रूरल डिजिटल डिवाइड में एक सिग्निफिकेंट कमी की फोरकास्टिंग कर रहे हैं।