इंडियन गवर्नमेंट ने लॉन्च किया नया डिजिटल हेल्थ प्रोग्राम, सबको मिलेगा फायदा!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज एक एंबिशियस नया डिजिटल हेल्थ प्रोग्राम लॉन्च किया है जिसका मकसद देशभर में हेल्थकेयर सर्विसेज को इंटीग्रेट करना और मेडिकल रिकॉर्ड्स तक सबको एक्सेस देना है। इस प्रोग्राम का एम है पेशेंट केयर को स्ट्रीमलाइन करना, एडमिनिस्ट्रेटिव बर्डन्स कम करना और टेक्नोलॉजी के थ्रू पब्लिक हेल्थ सिस्टम की एफिशिएंसी बढ़ाना।
नई दिल्ली – अपनी हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्नाइज करने की दिशा में एक इंपॉर्टेंट स्टेप लेते हुए, इंडियन गवर्नमेंट ने आज "स्वस्थ भारत डिजिटल हेल्थ मिशन" (SBDHM) लॉन्च किया। इस एंबिशियस इनिशिएटिव का एम है एक स्ट्रॉन्ग डिजिटल इकोसिस्टम बनाना जो पूरे कंट्री में पेशेंट्स, डॉक्टर्स और हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स को कनेक्ट करेगा, जिससे मेडिकल सर्विसेज और पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड्स तक सीमलेस एक्सेस मिलेगा।
SBDHM हर सिटीजन के लिए यूनिक हेल्थ आईडी इंट्रोड्यूस करेगा, जिससे मेडिकल हिस्ट्रीज, प्रिस्क्रिप्शन्स और डायग्नोस्टिक रिपोर्ट्स का डिजिटलाइजेशन हो पाएगा। इस सिस्टम से हेल्थकेयर डिलीवरी की एफिशिएंसी में बहुत इम्प्रूवमेंट आने की एक्सपेक्टेशन है, खासकर रिमोट एरियाज में, और फिजिकल पेपरवर्क की जरूरत कम होगी। यूनियन हेल्थ मिनिस्टर, डॉ. प्रिया शर्मा ने लॉन्च इवेंट में कहा, "यह मिशन इंडिया के हेल्थ सेक्टर के लिए एक गेम-चेंजर है। यह हमारे सिटीजन्स को बेटर एक्सेस टू केयर देगा और हमारे डॉक्टर्स को ज्यादा इन्फॉर्म्ड और टाइमली ट्रीटमेंट प्रोवाइड करने में हेल्प करेगा।"
यह प्रोग्राम सभी स्टेट्स और यूनियन टेरिटरीज में फेज में रोल आउट किया जाएगा। जबकि इमीडिएट फोकस डिजिटल बैकबोन बनाने पर है, फ्यूचर प्लांस में टेलीमेडिसिन सर्विसेज, AI-ड्रिवन डायग्नोस्टिक्स और पर्सनलाइज्ड हेल्थ रेकमेंडेशंस को इंटीग्रेट करना शामिल है। गवर्नमेंट इस बात पर जोर दे रही है कि डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी सबसे इंपॉर्टेंट होंगे, जिसमें सेंसिटिव पेशेंट इन्फॉर्मेशन को प्रोटेक्ट करने के लिए स्ट्रिक्ट प्रोटोकॉल्स होंगे। यह इनिशिएटिव टेक्नोलॉजी एडवांसमेंट के थ्रू यूनिवर्सल हेल्थकेयर कवरेज अचीव करने की इंडिया की जर्नी में एक क्रूशियल स्टेप है।