कंट्रोवर्शियल 'डिजिटल प्राइवेसी बिल' पार्लियामेंट में पास, डिबेट हुई गरम!
बहुत वेट किया जा रहा 'डिजिटल प्राइवेसी बिल' पार्लियामेंट में आखिर पास हो गया है, पर बहुत कम वोट्स से। ये न्यू लॉ टेक कंपनीज के डेटा कलेक्शन और यूसेज को कंट्रोल करेगा, पर ऑपोज़िशन को डर है कि इससे गवर्नमेंट लोगों को ट्रैक कर सकती है।
लोकसभा में आज कंट्रोवर्शियल 'डिजिटल प्राइवेसी बिल 2024' फाइनली पास हो गया है। ये बिल कई महीनों से पॉलिटिक्स में डिस्कशन का मेन पॉइंट था। रूलिंग पार्टी कह रही है कि ये डिजिटल एज में सिटीजन्स के डेटा को सेफ रखने के लिए बहुत इम्पोर्टेंट है, पर ऑपोज़िशन ने इसका बहुत विरोध किया। ऑपोज़िशन का कहना है कि ये गवर्नमेंट को बहुत ज्यादा पावर देगा और फ्री स्पीच को रोक सकता है।
एक बहुत लंबी मीटिंग में, जो देर रात तक चली, लॉमेकर्स ने बहुत गरम डिबेट की। कई अमेंडमेंट्स प्रपोज किए गए, पर रिजेक्ट हो गए। फाइनल वोटिंग में गवर्नमेंट को बहुत कम मार्जिन से जीत मिली, जिससे पता चलता है कि नेशनल सिक्योरिटी, कॉर्पोरेट रूल्स और इंडिविजुअल प्राइवेसी राइट्स के बीच बैलेंस को लेकर पॉलिटिक्स में कितनी टेंशन है।
लीगल एक्सपर्ट्स और सिविल राइट्स ऑर्गेनाइजेशन्स ने पहले ही कह दिया है कि वे इस बिल के इम्पैक्ट को बहुत ध्यान से देखेंगे। चिंताएं बहुत हैं, जैसे 'नेशनल सिक्योरिटी' की ब्रॉड डेफिनेशन्स जो ज्यूडिशियल ऑथोरिटी के बिना डेटा एक्सेस की परमिशन दे सकती हैं, और टेक इनोवेशन पर इसका क्या इम्पैक्ट होगा। आने वाले हफ्तों में इस नए लॉ के इंप्लीमेंटेशन से पहले बहुत सारे रिएक्शन और पॉसिबल लीगल चैलेंजेस देखने को मिल सकते हैं।