ईस्ट यूरोप में बॉर्डर पर टेंशन हाई, इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई
ईस्ट यूरोप के बॉर्डर पर टेंशन बहुत बढ़ गई है, जिसके बाद कई देशों के लीडर्स ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। डिप्लोमेटिक एफर्ट्स चल रहे हैं ताकि इस सिचुएशन को कंट्रोल किया जा सके और रीजन में और ज्यादा कॉन्फ्लिक्ट ना हो।
ब्रसेल्स – आज ब्रसेल्स में वर्ल्ड लीडर्स की एक अर्जेंट मीटिंग बुलाई गई है, क्योंकि ईस्ट यूरोप के दो मेन नेशंस के बॉर्डर पर मिलिट्री टेंशन बहुत तेजी से बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों साइड से ट्रूप्स की मूवमेंट बढ़ गई है और स्टेटमेंट भी काफी हार्श हो गए हैं, जिससे इस ऑलरेडी अनस्टेबल रीजन में आर्मड कॉन्फ्लिक्ट का डर बढ़ गया है।
इस इमरजेंसी मीटिंग में नाटो और एलाइड कंट्रीज के हेड ऑफ स्टेट्स शामिल हैं, जिसका मकसद एक यूनाइटेड फ्रंट बनाना और तुरंत डिप्लोमेटिक स्टेप्स लेना है। डिस्कशंस में डी-एस्केलेशन स्ट्रेटेजीज, पॉसिबल सैंक्शंस और ग्राउंड पर सिचुएशन को मॉनिटर करने के लिए इंटरनेशनल ऑब्जर्वर्स की डिप्लॉयमेंट पर फोकस होने की उम्मीद है।
एनालिस्ट्स का कहना है कि ये करंट सिचुएशन सालों में सबसे क्रिटिकल है, जिसके पीस और स्टेबिलिटी के लिए ग्लोबल इम्पैक्ट्स होंगे। इंटरनेशनल कम्युनिटी इस पर नजर बनाए हुए है क्योंकि लीडर्स क्लोज्ड डोर्स के पीछे काम कर रहे हैं ताकि एक बड़े रीजनल क्राइसिस को रोका जा सके।