इंडिया की नई AI पॉलिसी पर डिबेट शुरू, जॉब्स और इनोवेशन पर असर

इंडिया2 hours agoSource: National Voice
इंडिया की नई AI पॉलिसी पर डिबेट शुरू, जॉब्स और इनोवेशन पर असर

इंडियन गवर्नमेंट ने आज अपनी नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी लॉन्च की है। इसका मकसद लोकल इनोवेशन को बूस्ट करना है, साथ ही जॉब डिस्प्लेसमेंट और AI के एथिकल यूज़ जैसी चिंताओं को भी एड्रेस करना है। इस पॉलिसी पर टेक एक्सपर्ट्स, इकोनॉमिस्ट्स और आम लोगों के बीच तुरंत डिबेट शुरू हो गई है।

नई दिल्ली – इंडिया ने आज अपनी कॉम्प्रिहेंसिव नेशनल AI स्ट्रेटेजी ऑफिशियली लॉन्च कर दी है। इसमें 2030 तक AI में ग्लोबल लीडर बनने का रोडमैप बताया गया है। पॉलिसी 'AI फॉर ऑल' पर फोकस करती है, जिसका मकसद हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और एजुकेशन जैसे मेन सेक्टर्स में AI का यूज़ करना है, साथ ही एक स्ट्रॉन्ग स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बढ़ावा देना है।

हालांकि, इस अनाउंसमेंट के बाद एक lively डिबेट भी शुरू हो गई है। जहां टेक इंडस्ट्री के कई लोग गवर्नमेंट के प्रोएक्टिव अप्रोच और AI रिसर्च में इन्वेस्टमेंट की तारीफ कर रहे हैं, वहीं लेबर यूनियंस और सोशल एक्टिविस्ट्स ने ऑटोमेशन की वजह से बड़े पैमाने पर जॉब लॉस की पॉसिबिलिटी पर चिंता जताई है। पॉलिसी में वर्कफोर्स को रीस्किल और अपस्किल करने के प्रोविजंस हैं, लेकिन क्रिटिक्स का कहना है कि ये मेजर्स इनफ नहीं हो सकते हैं।

इसके अलावा, AI डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट के लिए एथिकल गाइडलाइंस पर भी डिस्कशंस चल रहे हैं, खासकर डेटा प्राइवेसी और एल्गोरिथमिक बायस को लेकर। गवर्नमेंट ने स्टेकहोल्डर्स को एश्योर किया है कि इन चिंताओं को पब्लिक कंसल्टेशंस और एडेप्टिव रेगुलेटरी फ्रेमवर्क्स के थ्रू लगातार एड्रेस किया जाएगा। यह इंडिया के डिजिटल फ्यूचर के लिए एक बहुत इंपॉर्टेंट मोमेंट है, जो प्रोग्रेस को सोशल रिस्पांसिबिलिटी के साथ बैलेंस कर रहा है।