ईस्टर्न यूरोप में टेंशन हाई, यूनाइटेड नेशंस ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
ईस्टर्न यूरोप में मिलिट्री एक्टिविटी और बॉर्डर डिस्प्यूट्स बहुत बढ़ गए हैं, जिसके बाद वर्ल्ड लीडर्स ने एक इमरजेंसी समिट बुलाई है। सब को डर है कि कहीं सिचुएशन और खराब न हो जाए, इसलिए डिप्लोमेटिक एफर्ट्स तेज हो गए हैं।
यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल ने ईस्टर्न यूरोप में बढ़ती टेंशन को कंट्रोल करने के लिए एक इमरजेंसी समिट बुलाई है। रिसेंट रिपोर्ट्स बताती हैं कि डिस्प्यूटेड बॉर्डर्स पर मिलिट्री फोर्सेज बहुत बढ़ गई हैं, और रीजनल पावर्स की तरफ से प्रोवोकेटिव स्टेटमेंट्स भी आ रहे हैं। इस सिचुएशन से पूरे वर्ल्ड में टेंशन बढ़ गई है।
डिप्लोमेटिक चैनल्स बहुत तेजी से काम कर रहे हैं ताकि सिचुएशन फुल-ब्लोन कॉन्फ्लिक्ट में न बदल जाए। इंटरनेशनल मीडिएटर्स सभी पार्टीज से कह रहे हैं कि वो कंट्रोल रखें और आपस में बात करें। लेकिन, पुरानी प्रॉब्लम्स और स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट्स की वजह से सॉल्यूशन निकालना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि हर साइड अपनी बात पर अड़ी है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस समिट का रिजल्ट रीजन की फ्यूचर स्टेबिलिटी के लिए बहुत इम्पोर्टेंट होगा। इंटरनेशनल कम्युनिटी इस पर क्लोज वॉच रख रही है, और पीसफुल सॉल्यूशन की उम्मीद कर रही है, लेकिन अगर डिप्लोमेसी फेल हुई तो सैंक्शन्स या दूसरे मेजर्स के लिए भी रेडी है। स्टेक बहुत हाई हैं, सिर्फ इन्वॉल्व्ड नेशंस के लिए ही नहीं, बल्कि ग्लोबल सिक्योरिटी के लिए भी।