AI सेफ्टी पर ग्लोबल लीडर्स का बड़ा समिट खत्म, हिस्टोरिक एग्रीमेंट साइन
30 से ज़्यादा कंट्रीज़ के लीडर्स ने AI सेफ्टी पर एक इंपॉर्टेंट समिट खत्म किया है। सबने मिलकर इंटरनेशनल कोऑपरेशन और रिस्क कंट्रोल के लिए एक फ्रेमवर्क पर एग्रीमेंट किया है। इसका मकसद AI डेवलपमेंट के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड्स बनाना है।
दो दिन का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेफ्टी समिट, जिसमें कई कंट्रीज़ के लीडर्स, टेक कंपनी के CEOs और टॉप AI रिसर्चर्स आए थे, आज एक जॉइंट डिक्लेरेशन के साथ खत्म हुआ। इस 'ग्लोबल AI रिस्पांसिबिलिटी पैक्ट' में एथिकल AI डेवलपमेंट के लिए रूल्स बताए गए हैं, जिसमें मिसयूज़ रोकना, ट्रांसपेरेंसी रखना और एडवांस्ड AI सिस्टम्स पर इंटरनेशनल कोऑपरेशन बढ़ाना शामिल है।
मेन डिसीज़ंस में AI की प्रोग्रेस और पॉसिबल रिस्क को देखने के लिए एक नया इंटरनेशनल वर्किंग ग्रुप बनाना शामिल है। साथ ही, सभी कंट्रीज़ AI सेफ्टी रिसर्च में इन्वेस्ट करने के लिए रेडी हैं। लीडर्स ने कहा कि AI के बेनिफिट्स लेने के लिए एक यूनाईटेड ग्लोबल अप्रोच ज़रूरी है, लेकिन इसके डेंजर्स, जैसे जॉब लॉस और ऑटोनॉमस वेपन सिस्टम्स से भी बचना है।
इसे एक बड़ा फर्स्ट स्टेप माना जा रहा है, पर कुछ क्रिटिक्स का कहना है कि इस एग्रीमेंट में स्ट्रॉन्ग एनफोर्समेंट रूल्स नहीं हैं और ये ज़्यादातर टेक कंपनीज़ की मर्जी पर डिपेंड करता है। हालांकि, जो लोग इसे सपोर्ट कर रहे हैं, उनका मानना है कि ये फ्यूचर के रेगुलेशंस के लिए एक इंपॉर्टेंट बेस बनाएगा, और ग्लोबल टेक गवर्नेंस के लिए एक नया स्टैंडर्ड सेट करेगा।