वर्ल्डवाइड न्यू साइबरअटैक का खतरा, क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर टारगेट पर!
एक नया और डेंजरस साइबरअटैक कैंपेन वर्ल्डवाइड शुरू हो गया है, जिससे कई देशों के क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और गवर्नमेंट नेटवर्क्स को खतरा है। एक्सपर्ट्स ने वार्निंग दी है।
ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी एजेंसीज़ ने एक अर्जेंट अलर्ट जारी किया है। एक नया, हाईली सोफिस्टिकेटेड साइबरअटैक कैंपेन वर्ल्डवाइड क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट कर रहा है। इसका नाम 'शैडोब्रेकर' रखा गया है। यह मालवेयर एनर्जी ग्रिड्स, ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क्स और फाइनेंसियल सिस्टम्स को डिस्टर्ब करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो इंटरनेशनल स्टेबिलिटी के लिए एक बड़ा थ्रेट है।
इनिशियल रिपोर्ट्स के हिसाब से, कुछ यूरोपियन यूटिलिटी कंपनीज़ और एक बड़ी एशियन लॉजिस्टिक्स फर्म में सक्सेसफुल ब्रीचेज़ हुए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अटैक किसी स्टेट-स्पॉन्सर्ड ग्रुप से आया है, हालांकि अभी तक कोई स्पेसिफिक अट्रीब्यूशन नहीं हुआ है। गवर्नमेंट्स इमरजेंसी प्रोटोकॉल्स एक्टिवेट करने और अपनी डिजिटल डिफेन्सेस को स्ट्रॉन्ग करने में लगी हैं।
यूएन सिक्योरिटी काउंसिल कल एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाने वाली है ताकि एक को-ऑर्डिनेटेड इंटरनेशनल रिस्पांस डिस्कस किया जा सके। यह इंसिडेंट बढ़ते हुए डिजिटल वॉरफेयर लैंडस्केप और साइबरसिक्योरिटी में ग्लोबल कोऑपरेशन की अर्जेंट नीड को हाईलाइट करता है। सिटीजन्स को फिशिंग अटैम्प्ट्स और अनएक्सपेक्टेड कम्युनिकेशंस के खिलाफ विजिलेंट रहने की एडवाइस दी गई है।