ग्लोबल साइबर अटैक से वर्ल्ड के बड़े फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशंस में प्रॉब्लम!
एक बड़े ग्लोबल साइबर अटैक ने दुनिया भर के कई फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशंस को हिट किया है, जिससे उनकी सर्विसेज में दिक्कत आ रही है। एक्सपर्ट्स अटैकर्स को ढूंढने और डैमेज को कंट्रोल करने में लगे हैं, पर ये बहुत बड़ा ब्रीच है और इसका पूरा इम्पैक्ट अभी पता नहीं चला है।
न्यूयॉर्क/लंदन – नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और एशिया के बड़े फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशंस आज सुबह शुरू हुए एक सोफिस्टिकेटेड और कोर्डिनेटेड ग्लोबल साइबर अटैक से जूझ रहे हैं। कई टॉप बैंक्स और इन्वेस्टमेंट फर्म्स के कस्टमर्स ने ऑनलाइन सर्विसेज एक्सेस करने, ट्रांजेक्शन प्रोसेस करने और कुछ केसेस में पूरे सिस्टम के टेम्परेरी आउटेज की प्रॉब्लम्स रिपोर्ट की हैं।
वर्ल्डवाइड साइबरसिक्योरिटी फर्म्स और गवर्नमेंट एजेंसीज ने इस इंसिडेंट की अर्जेंट इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी है, जो एक मल्टी-प्रोंगड असॉल्ट लग रहा है जिसमें एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट (APT) टेक्निक्स यूज की गई हैं। हालांकि, अभी तक किसी स्पेसिफिक ग्रुप ने रिस्पॉन्सिबिलिटी नहीं ली है, पर शुरूआती असेसमेंट्स बताते हैं कि इस अटैक के पीछे एक बहुत ऑर्गेनाइज्ड और वेल-फंडेड एंटिटी है।
अगर ये डिसरप्शन्स ऐसे ही चलते रहे तो इकोनॉमिक इम्प्लीकेशन्स बहुत बड़े हो सकते हैं। अथॉरिटीज लोगों से केयरफुल रहने और अपने अकाउंट्स में किसी भी अनयूजुअल एक्टिविटी पर नजर रखने की एडवाइस दे रही हैं। यह इंसिडेंट क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्टेट-स्पॉन्सर्ड या बहुत सोफिस्टिकेटेड क्रिमिनल साइबर ऑपरेशन्स के प्रति बढ़ती वल्नरेबिलिटी को दिखाता है, जिससे साइबरसिक्योरिटी पर इंटरनेशनल कोऑपरेशन बढ़ाने की नई डिमांड्स उठ रही हैं।