वर्ल्ड में बड़ा मूव: साइबर सिक्योरिटी के लिए नया अलायंस!
कई बड़ी कंट्रीज ने मिलकर एक नया ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी अलायंस बनाया है ताकि बढ़ते डिजिटल थ्रेट्स से निपटा जा सके। इसका मेन एम इंटरनेशनल कोऑपरेशन और इंटेलिजेंस शेयरिंग को बढ़ाना है।
साइबर वॉरफेयर और डिजिटल स्पाईइंग के बढ़ते थ्रेट को रोकने के लिए, कई बड़ी ग्लोबल पावर्स ने मिलकर ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी अलायंस (GCA) बनाने का अनाउंसमेंट किया है। इस अलायंस में यूनाइटेड स्टेट्स, यूरोपियन यूनियन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसी कंट्रीज शामिल हैं। इनका गोल स्टेट-स्पॉन्सर्ड हैकिंग, रैंसमवेयर अटैक्स और दूसरी ऑनलाइन क्रिमिनल एक्टिविटीज के खिलाफ एक साथ खड़े होना है।
GCA के चार्टर में जॉइंट थ्रेट इंटेलिजेंस शेयरिंग, कोऑर्डिनेटेड डिफेंसिव ऑपरेशंस और साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स के लिए कॉमन स्टैंडर्ड्स बनाने की कमिटमेंट्स हैं। लीडर्स ने ऐसे कोलाबोरेटिव बॉडी की अर्जेंट नीड पर जोर दिया, क्योंकि हाल ही में हुए बड़े अटैक्स ने एसेंशियल सर्विसेज को डिस्टर्ब किया है और कई सेक्टर्स में सेंसिटिव डेटा कॉम्प्रोमाइज हुआ है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये अलायंस एक बड़ा स्टेप है, लेकिन इसकी सक्सेस मेंबर स्टेट्स की सेंसिटिव इंफॉर्मेशन शेयर करने और जियोपॉलिटिकल डिफरेंसेज को ओवरकम करने की विलिंगनेस पर डिपेंड करेगी। इनिशियली, इसका फोकस एनर्जी ग्रिड्स, फाइनेंशियल सिस्टम्स और पब्लिक हेल्थ नेटवर्क्स जैसे क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को फ्यूचर ब्रीचेस से प्रोटेक्ट करना होगा।