गवर्नमेंट ने लॉन्च किया 'डिजिटल इंडिया 2.0' इनिशिएटिव, टेक्नोलॉजी से बदलेगा देश!
इंडियन गवर्नमेंट ने 'डिजिटल इंडिया 2.0' नाम का एक नया इनिशिएटिव शुरू किया है। इसका गोल पूरे देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विसेज और लिटरेसी को और बेहतर बनाना है। यह नया फेज AI, साइबर सिक्योरिटी और रूरल एरियाज़ को टेक्नोलॉजी से एम्पावर करने पर फोकस करेगा।
नई दिल्ली – अपने पिछले इनिशिएटिव की सक्सेस के बाद, इंडियन गवर्नमेंट ने आज ऑफिशियली "डिजिटल इंडिया 2.0" लॉन्च किया है। यह एक बड़ा प्रोग्राम है जिसे देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्राइम मिनिस्टर [प्राइम मिनिस्टर का नाम] ने एक बड़े इवेंट में इस इनिशिएटिव को अनवील किया, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लॉकचेन जैसी लेटेस्ट टेक्नोलॉजीज़ को पब्लिक सर्विसेज में इंटीग्रेट करने और कंट्री के साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को स्ट्रॉन्ग करने का रोडमैप बताया गया है।
डिजिटल इंडिया 2.0 के मेन पिलर्स में सभी विलेजेस तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना, इनोवेटिव फिनटेक सॉल्यूशंस के थ्रू डिजिटल पेमेंट्स को प्रमोट करना, और अनसर्विस्ड पॉपुलेशंस के लिए एक नेशनल डिजिटल लिटरेसी कैंपेन लॉन्च करना शामिल है। इसमें इंडीजीनस AI कैपेबिलिटीज डेवलप करने और सिटीजन्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए एक स्ट्रॉन्ग डेटा गवर्नेंस पॉलिसी बनाने पर भी बहुत फोकस है।
गवर्नमेंट इन बड़े गोल्स को अचीव करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स को बढ़ावा देने का प्लान कर रही है, जिसमें टेक जायंट्स और स्टार्टअप्स को अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर कोलाबोरेट करने के लिए इनवाइट किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इसे सक्सेसफुली इम्प्लीमेंट किया गया, तो डिजिटल इंडिया 2.0 में गवर्नेंस को रिवॉल्यूशनलाइज़ करने, इकोनॉमिक ग्रोथ को बूस्ट करने और डिजिटल डिवाइड को कम करने की कैपेबिलिटी है, जिससे इंडिया डिजिटल इकोनॉमी में एक ग्लोबल लीडर बन सकता है।