गवर्नमेंट ने 'डिजिटल इंडिया कनेक्ट' प्रोजेक्ट लॉन्च किया, इंटरनेट होगा सुपरफास्ट!
इंडियन गवर्नमेंट ने आज एंबिशियस 'डिजिटल इंडिया कनेक्ट' प्रोजेक्ट अनवील किया है। ये एक मैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर इनिशिएटिव है जिसका टारगेट सभी रूरल एरियाज में हाई-स्पीड इंटरनेट एक्सेस प्रोवाइड करना है। इस मूव से डिजिटल डिवाइड को ब्रिज करने और पूरे नेशन में इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटीज को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
न्यू दिल्ली – डिजिटल इंक्लूजन की तरफ एक सिग्निफिकेंट पुश में, इंडियन गवर्नमेंट ने ऑफिशियली 'डिजिटल इंडिया कनेक्ट' प्रोजेक्ट लॉन्च किया है। ये एक फ्लैगशिप इनिशिएटिव है जिसे कंट्री के रिमोटेस्ट कॉर्नर्स तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी एक्सटेंड करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने नेशन को एड्रेस करते हुए इस प्रोजेक्ट के ट्रांसफॉर्मेटिव पोटेंशियल पर जोर दिया, उन्होंने रूरल कम्युनिटीज को एम्पावर करने और उन्हें नेशनल डिजिटल इकोनॉमी में इंटीग्रेट करने में इसकी भूमिका को हाइलाइट किया।
मल्टी-फेज प्रोजेक्ट में थाउजेंड्स ऑफ किलोमीटर्स फाइबर ऑप्टिक केबल्स बिछाना, नए डेटा सेंटर्स एस्टैब्लिश करना और एडवांस्ड वायरलेस टेक्नोलॉजीज डिप्लॉय करना शामिल है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूनिवर्सल इंटरनेट एक्सेस उन मिलियंस ऑफ सिटीजन्स के लिए ई-गवर्नेंस, डिजिटल एजुकेशन, टेलीमेडिसिन और ई-कॉमर्स में अनप्रेसिडेंटेड अपॉर्चुनिटीज अनलॉक करेगा जिनके पास करेंटली रिलायबल कनेक्टिविटी नहीं है। ये एक ट्रूली 'डिजिटल इंडिया' के विजन को अचीव करने की तरफ एक क्रूशियल स्टेप है।
जबकि प्रोजेक्ट का स्केल सिग्निफिकेंट लॉजिस्टिकल और फाइनेंशियल चैलेंज्स प्रेजेंट करता है, गवर्नमेंट ने इसकी टाइमली कंप्लीशन इंश्योर करने के लिए रोबस्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स और इनोवेटिव फंडिंग मॉडल्स का एश्योरेंस दिया है। इनिशियल फेजेस कई स्टेट्स में अंडरसर्व्ड डिस्ट्रिक्ट्स पर फोकस करेंगे, जिसमें अगले पांच सालों में एक फेज़्ड रोलआउट प्लान किया गया है। इस इनिशिएटिव को एक गेम-चेंजर के रूप में सराहा जा रहा है जो रूरल इंडिया के सोशियो-इकोनॉमिक लैंडस्केप को रीडिफाइन कर सकता है।