गवर्नमेंट ने लॉन्च किया बड़ा रूरल डिजिटल लिटरेसी कैंपेन
इंडियन गवर्नमेंट ने रूरल एरियाज में डिजिटल लिटरेसी बढ़ाने के लिए एक बड़ा नेशनवाइड कैंपेन स्टार्ट किया है। इस इनिशिएटिव से लाखों लोगों को टेक्नोलॉजी एक्सेस और ट्रेनिंग के जरिए एम्पावर किया जाएगा, जिससे कंट्री में डिजिटल डिवाइड कम होगा।
इंक्लूसिव ग्रोथ की तरफ एक बड़े स्टेप में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज 'डिजिटल भारत ग्रामीण शिक्षा अभियान' लॉन्च किया है। यह एक बहुत बड़ा नेशनवाइड कैंपेन है जिसे रूरल इंडिया में डिजिटल लिटरेसी बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस प्रोग्राम का टारगेट अगले तीन सालों में 50 मिलियन से ज्यादा लोगों को बेसिक डिजिटल स्किल्स में ट्रेन करना है, जिसमें डिजिटल एज के लिए जरूरी नॉलेज के साथ सिटीजन्स को एम्पावर करने पर फोकस किया जाएगा।
इस इनिशिएटिव में हजारों डिजिटल लिटरेसी सेंटर्स को विलेजेज में सेट अप किया जाएगा, जो कंप्यूटर्स और हाई-स्पीड इंटरनेट से इक्विप्ड होंगे। लोकल ट्रेनर्स स्मार्टफोन यूज करने, ऑनलाइन बैंकिंग और गवर्नमेंट सर्विसेज को डिजिटली एक्सेस करने जैसे टॉपिक्स पर वर्कशॉप्स कंडक्ट करेंगे। प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने कैंपेन को इनॉग्रेट करते हुए टेक्नोलॉजी की इम्पोर्टेंस पर जोर दिया, जिसे उन्होंने रिमोट एरियाज में इकोनॉमिक डेवलपमेंट के लिए एक इक्वलाइजर और कैटलिस्ट बताया।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कैंपेन इंडिया की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी के लिए बहुत क्रुशियल है, खासकर यह इंश्योर करने के लिए कि डिजिटलाइजेशन के बेनिफिट्स कंट्री के हर कोने तक पहुंचें। डिजिटल डिवाइड को कम करके, गवर्नमेंट को उम्मीद है कि वह रूरल पापुलेशंस के लिए नए ऑपर्च्युनिटीज अनलॉक कर पाएगी, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देगी, और एजुकेशन व हेल्थकेयर सर्विसेज तक एक्सेस को इम्प्रूव करेगी, जिससे एंड में एक ज्यादा कनेक्टेड और एम्पावर्ड इंडिया बनेगा।