गवर्नमेंट को क्लाइमेट बिल पर बड़े प्रोटेस्ट का सामना करना पड़ेगा
रूलिंग पार्टी के नए क्लाइमेट चेंज बिल पर बहुत डिबेट और अपोजिशन देखने को मिल रहा है। अपोजिशन पार्टीज कह रही हैं कि बिल इनफ नहीं है, जबकि गवर्नमेंट इसे फर्स्ट स्टेप बता रही है।
पार्लियामेंट में क्लाइमेट एक्शन बिल को लेकर जबरदस्त डिबेट चल रही है। गवर्नमेंट इस बिल को पास कराने में लगी है, जिसका मकसद एमिशन कम करना और रिन्यूएबल एनर्जी को प्रमोट करना है। लेकिन इस बिल पर पॉलिटिक्स और पब्लिक में अलग-अलग ओपिनियन हैं। एनवायरनमेंट ग्रुप्स गवर्नमेंट बिल्डिंग्स के बाहर डेली प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उनका कहना है कि ये मेजर्स क्लाइमेट क्राइसिस को टैकल करने के लिए इनफ नहीं हैं।
अपोजिशन पार्टीज ने एक साथ आकर इस बिल को "ग्रीनवॉशिंग" बताया है और कहा है कि इसमें कोई रियल सब्सटेंस नहीं है। वे बिल में लूपहोल्स और इनसफिशिएंट फंडिंग की तरफ पॉइंट कर रहे हैं और स्ट्रॉन्ग कमिटमेंट्स की डिमांड कर रहे हैं। लेकिन रूलिंग पार्टी का कहना है कि ये बिल एक प्रैक्टिकल और अचीवेबल फर्स्ट स्टेप है। वे रैपिड ट्रांजिशन के इकोनॉमिक चैलेंजेस और बैलेंस्ड अप्रोच की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
एनालिस्ट्स का मानना है कि इस लेजिस्लेटिव बैटल का रिजल्ट गवर्नमेंट की इमेज और फ्यूचर पॉलिसी एजेंडा पर बहुत इम्पेक्ट डालेगा। इस वीक के एंड में की वोट्स एक्सपेक्टेड हैं, और दोनों साइड्स अपनी लॉबिंग एफर्ट्स बढ़ा रहे हैं। पब्लिक की डिमांड है कि क्लाइमेट एक्शन पर इफेक्टिव काम हो, जिससे लॉमेकर्स पर बहुत प्रेशर है कि वे मीनिंगफुल चेंज लाएं।