इंडियन गवर्नमेंट का नया प्लान: रूरल इंडिया के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी लॉन्च!
इंडियन गवर्नमेंट ने रूरल एरियाज में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए एक नई पॉलिसी अनाउंस की है। इस इनिशिएटिव से डिजिटल डिवाइड कम होगा और इकोनॉमिक ग्रोथ को बूस्ट मिलेगा।
न्यू दिल्ली – पूरे देश में डिजिटल इन्क्लूजन की तरफ एक बड़े स्टेप में, इंडियन गवर्नमेंट ने आज अपनी 'रूरल डिजिटल कनेक्ट' पॉलिसी लॉन्च की है। यह एक कॉम्प्रिहेंसिव फ्रेमवर्क है जिसे देश के बड़े रूरल एरियाज में हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सर्विसेज को तेजी से डिप्लॉय करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पॉलिसी का टारगेट है 2027 तक 80% से ज्यादा गांवों को ब्रॉडबैंड से कनेक्ट करना, जिसमें ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क्स और एडवांस्ड सैटेलाइट टेक्नोलॉजी दोनों का यूज़ किया जाएगा।
कम्युनिकेशंस मिनिस्टर, श्री राजीव मल्होत्रा ने बताया कि यह इनिशिएटिव सिर्फ कनेक्टिविटी के बारे में नहीं है, बल्कि रूरल कम्युनिटीज को ऑनलाइन एजुकेशन, टेलीमेडिसिन, डिजिटल बैंकिंग और ई-गवर्नेंस सर्विसेज तक एक्सेस देकर उन्हें एम्पावर करने के बारे में भी है। गवर्नमेंट ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स (PPPs) के जरिए प्राइवेट सेक्टर की पार्टिसिपेशन को इनसेंटिवाइज़ करने और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस के लिए सब्सिडी देने का प्लान बनाया है, ताकि सभी सिटिजन्स के लिए अफोर्डेबिलिटी बनी रहे।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह पॉलिसी इंडिया की रूरल इकोनॉमी के लिए एक गेम-चेंजर हो सकती है, जिससे रिमोट एरियाज में एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा मिलेगा और नए जॉब ऑपर्चुनिटीज क्रिएट होंगी। हालांकि, ज्योग्राफिकल कॉम्प्लेक्सिटीज और सस्टेनेबल एडॉप्शन जैसे चैलेंज अभी भी हैं, 'रूरल डिजिटल कनेक्ट' पॉलिसी गवर्नमेंट की तरफ से रूरल इंडिया को डिजिटल मेनस्ट्रीम में इंटिग्रेट करने की एक स्ट्रांग कमिटमेंट को दिखाती है, जिससे इन्क्लूसिव ग्रोथ और डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।